वाराणसी। नौकरी की तलाश कर रहे बेरोजगार युवाओं को झांसे में लेकर उनसे लाखों रुपये ऐंठने वाले गिरोह का सारनाथ पुलिस ने पर्दाफाश किया है। नई बाजार इलाके में चल रहे कथित कॉल सेंटर पर छापेमारी कर पुलिस ने छह लोगों को हिरासत में लिया है। आरोप है कि यह गिरोह सोशल मीडिया पर नौकरी के विज्ञापन डालकर युवाओं को फंसाता था और फिर रजिस्ट्रेशन, ट्रेनिंग व सिक्योरिटी डिपॉजिट के नाम पर मोटी रकम वसूलता था।
कॉल सेंटर की आड़ में चल रहा था फर्जीवाड़ा
एसीपी सारनाथ Vidyut Saxena के नेतृत्व में पुलिस टीम ने मंगलवार को नई बाजार इलाके में छापा मारा। पुलिस को सूचना मिली थी कि यहां कॉल सेंटर के नाम पर युवाओं से ठगी की जा रही है। मौके पर पहुंचे अधिकारियों को कॉल सेंटर संचालन से जुड़े वैध दस्तावेज नहीं मिले, जिससे पूरा मामला संदिग्ध हो गया।
सोशल मीडिया पर विज्ञापन देकर फंसाते थे युवक-युवतियां
पुलिस के मुताबिक आरोपी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर नौकरी के आकर्षक विज्ञापन डालते थे। इसके बाद फोन कॉल के जरिए बेरोजगार युवाओं से संपर्क कर उन्हें बड़ी कंपनियों में नौकरी दिलाने का भरोसा दिया जाता था। युवाओं को इंटरव्यू और ट्रेनिंग का झांसा देकर उनसे पैसे वसूले जाते थे।
सिक्योरिटी डिपॉजिट के नाम पर वसूली
जांच में सामने आया है कि गिरोह युवाओं से रजिस्ट्रेशन फीस और सिक्योरिटी डिपॉजिट के नाम पर हजारों रुपये लेता था। पुलिस का दावा है कि अब तक सैकड़ों युवक-युवतियां इस गिरोह के झांसे में आ चुके हैं। कई पीड़ितों ने पुलिस से शिकायत भी की थी।
मोबाइल, दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक सामान जब्त
छापेमारी के दौरान पुलिस ने आरोपियों के मोबाइल फोन, दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण कब्जे में ले लिए हैं। हिरासत में लिए गए छह लोगों से पूछताछ की जा रही है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि गिरोह का नेटवर्क कितने शहरों तक फैला हुआ था और इसमें और कौन-कौन शामिल हैं।