बरेली। शहर में नगर निगम की कीमती सरकारी जमीनों पर वर्षों से जमे अवैध कब्जाधारकों के खिलाफ अब बड़े स्तर पर कार्रवाई की तैयारी शुरू हो गई है। नगर निगम प्रशासन ने पार्कों, तालाबों, गोशालाओं और अन्य सरकारी भूमि का लैंड ऑडिट कराने का निर्णय लिया है। अभियान के तहत सबसे पहले पार्क और तालाबों की जमीनों को चिह्नित कर अतिक्रमण मुक्त कराया जाएगा।
हाल ही में हुई नगर निगम कार्यकारिणी समिति की बैठक में कई पार्षदों ने नगरिया परीक्षित समेत विभिन्न वार्डों में निगम की जमीनों पर हो रहे अवैध कब्जों का मुद्दा प्रमुखता से उठाया था। पार्षदों ने महापौर डॉ. उमेश गौतम और नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य से कमेटी बनाकर तत्काल कार्रवाई की मांग की। कार्यकारिणी में सहमति बनने के बाद निगम प्रशासन ने अभियान की तैयारियां शुरू कर दी हैं।
राजस्व, निर्माण और तहसील की संयुक्त टीम करेगी सर्वे
अभियान को प्रभावी बनाने के लिए नगर आयुक्त ने नगर निगम के राजस्व विभाग, निर्माण विभाग और तहसील प्रशासन की संयुक्त टीम गठित की है। साथ ही जिलाधिकारी को पत्र भेजकर तहसील प्रशासन से सहयोग मांगा गया है, ताकि राजस्व अभिलेखों के आधार पर भूमि का सत्यापन कर कार्रवाई की जा सके।
इन इलाकों की जमीन होगी प्राथमिकता पर चिह्नित
नगर निगम अधिकारियों के अनुसार डेलापीर, बाकरगंज, कोहाड़ापीर-प्रेमनगर और नगरिया परीक्षित समेत कई क्षेत्रों में निगम की मूल्यवान जमीनों पर लंबे समय से अवैध कब्जे हैं। लैंड ऑडिट के दौरान इन क्षेत्रों को प्राथमिकता दी जाएगी और कब्जे मिलने पर नियमानुसार उन्हें हटाकर जमीन को निगम के कब्जे में लिया जाएगा।
सड़कों और फुटपाथों से भी हटेगा अतिक्रमण
नगर निगम का अभियान केवल सरकारी भूखंडों तक सीमित नहीं रहेगा। इसके तहत शहर की सड़कों और फुटपाथों पर किए गए अवैध अतिक्रमण को भी हटाया जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि सार्वजनिक उपयोग की जमीनों को अतिक्रमण मुक्त कर शहर के नियोजित विकास और नागरिक सुविधाओं को बेहतर बनाया जाएगा।