bareillyअस्पताल सील करती टीम

बरेली। प्रसूता की मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग ने बड़ा एक्शन लेते हुए न्यू चिश्ती हॉस्पिटल को सील कर दिया। जांच के लिए पहुंची टीम को अस्पताल में न डॉक्टर मिले, न पैरामेडिकल स्टाफ, केवल एक चौकीदार मौजूद मिला। इसके बाद टीम ने मौके पर ही अस्पताल पर ताला लगाकर सीलिंग की कार्रवाई की। अभियान के दौरान कई अन्य अस्पतालों और पैथोलॉजी केंद्रों की भी जांच की गई, जहां अनियमितताएं मिलने पर नोटिस जारी किए गए, जबकि कुछ अस्पताल और पैथोलॉजी केंद्र बंद मिले।

नोडल अधिकारी डॉ लईक ने बताया कि टीम एक दिन पहले दुनका स्थित न्यू चिश्ती हॉस्पिटल में हुई प्रसूता की मौत के मामले की जांच के लिए पहुंची थी। निरीक्षण के दौरान अस्पताल में कोई चिकित्सक या पैरामेडिकल स्टाफ मौजूद नहीं मिला। परिसर में केवल एक चौकीदार और उसके पड़ोस का एक परिवार मिला। टीम ने मौके पर नोटिस चस्पा करते हुए अस्पताल को तत्काल सील कर दिया और अस्पताल से जुड़े सभी अभिलेख व स्टाफ को जांच के लिए प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। मामले में विधिक और प्रशासनिक कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है।

कई अस्पतालों और पैथोलॉजी केंद्रों को थमाए नोटिस

अभियान के दौरान स्वास्थ्य विभाग ने दुनका स्थित साई पैथोलॉजी, शीशगढ़ के सिद्धिकी हॉस्पिटल, ओम लाइक हॉस्पिटल, आयुषी हॉस्पिटल, एडवांस पैथोलॉजी, लाइफलाइन पैथोलॉजी, एमएस पॉलीक्लिनिक और जारा हयात हॉस्पिटल का भी निरीक्षण किया। जांच में विभिन्न कमियां मिलने पर संबंधित संचालकों को नोटिस जारी किए गए और नियमानुसार कार्रवाई शुरू की गई।

नोटिस

कई हॉस्पिटल बंद कर संचालक फरार

अभियान के दौरान निशा हॉस्पिटल और मां हॉस्पिटल भी बंद मिले। स्वास्थ्य विभाग के पहुंचने से पहले ही दोनों अस्पतालों के संचालक मौके से गायब हो गए। इसके अलावा कई पैथोलॉजी केंद्र भी बंद पाए गए, जिन्हें विभाग ने चिह्नित कर लिया है। विभाग इन सभी संस्थानों के विरुद्ध नियमानुसार आगे की कार्रवाई करेगा। इसके बाद टीम मानपुर पहुंची, जहां केयर एंड क्योर हॉस्पिटल का निरीक्षण किया गया। अस्पताल में उपलब्ध चिकित्सा व्यवस्थाओं, अभिलेखों और आवश्यक मानकों की गहन जांच की गई। निरीक्षण के दौरान न्यू सहारा हॉस्पिटल बंद मिला।

अनियमितता बर्दाश्त नहीं होगी : डॉ. लईक अहमद

नोडल अधिकारी डॉ. लईक अहमद ने बताया कि जनस्वास्थ्य से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या नियमों के उल्लंघन को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रसूता की मौत के मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और जांच रिपोर्ट के आधार पर दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। आगे भी निजी अस्पतालों और पैथोलॉजी केंद्रों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। अभियान में नोडल अधिकारी डॉ. लईक अहमद, सह नोडल अधिकारी डॉ. अमित दिनकर, प्रभारी चिकित्सा अधिकारी शेरगढ़ डॉ. गजेंद्र चौहान, वार्ड बॉय राजेश तथा चालक राहुल शामिल रहे।

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