बरेली। इलाज के पूरे पैसे जेब से दिए, लेकिन बाद में पता चला कि उसी इलाज के नाम पर आयुष्मान योजना से भी क्लेम ले लिया गया। आरोप किसी और पर नहीं, बल्कि अपने ही दामाद पर है। बारादरी के बाबू अंसारी ने दामाद जावेद अख्तर अंसारी उर्फ मीडिया पर फर्जीवाड़े का आरोप लगाते हुए पुलिसकर्मी बेटे के साथ डीएम अविनाश सिंह के दरबार में पहुंचकर जांच की मांग की है।
बारादरी की गुलिस्ता कॉलोनी निवासी बाबू अंसारी ने शिकायत में बताया कि वर्ष 2024 में उन्होंने आफताब आई केयर में मोतियाबिंद का ऑपरेशन कराया था। इसके लिए करीब 15 हजार रुपये नकद दिए थे। पत्नी के इलाज का खर्च भी खुद दिया। आरोप है कि बाद में पता चला कि उनके और पत्नी के इलाज के नाम पर आयुष्मान योजना का भी इस्तेमाल किया गया है। बाबू का कहना है कि सूफी टोला निवासी दामाद जावेद अख्तर ने इलाज की व्यवस्था कराई थी। रिश्तेदारी के कारण उस पर भरोसा किया और इलाज के बिल व अन्य दस्तावेज नहीं मांगे। आरोप है कि इसी का फायदा उठाकर आयुष्मान से जुड़े गलत दस्तावेज तैयार किए गए और इलाज के नाम पर क्लेम लिया गया। बाबू का दावा है कि उन्हें इसकी जानकारी नहीं थी और न ही उन्होंने आयुष्मान से इलाज कराने की सहमति दी थी।
मामला खुलने पर धमकी देने लगा दामाद
बाबू का आरोप है कि मामला सामने आने के बाद अब परिवार पर पैसे देने और पहले से चल रहे मुकदमों में समझौता करने का दबाव बनाया जा रहा है। मांग पूरी नहीं करने पर परिवार को अलग-अलग मामलों में फंसाने और कार्रवाई कराने की धमकी देने का भी आरोप लगाया गया है। बाबू के मुताबिक दामाद और ससुराल पक्ष के बीच पहले से विवाद चल रहा है। जावेद अख्तर के खिलाफ बारादरी और प्रेमनगर थानों में मुकदमे दर्ज हैं। बाबू ने बताया कि उनकी बड़ी बहू की ओर से भी मुकदमा दर्ज कराया गया है। आरोप है कि इन्हीं मामलों में समझौते के लिए परिवार पर लगातार दबाव बनाया जा रहा है।
1.30 लाख लेकर एक बार समझौता कर चुका है दामाद
बाबू ने बताया कि उसने उनके परिवार के खिलाफ एक आईजीआरएस की थी। इसमें समझौता करने के लिए उसने 1.30 लाख रुपये लेकर समझौता किया और शपथपत्र भी दिया गया था। इसके बावजूद बाद में दोबारा आईजीआरएस पर शिकायतें करना शुरू कर दीं और पैसे की मांग कर रहा है। इसी के साथ बाबू अंसारी ने डीएम से मांग की है कि उनके और उनकी पत्नी के आयुष्मान से जुड़ा पूरा रिकॉर्ड निकलवाया जाए। आयुष्मान कार्ड कब और किसने बनवाया, किस अस्पताल में इसका इस्तेमाल हुआ, इलाज के नाम पर कितने रुपये का क्लेम किया गया और क्लेम की रकम किसे मिली, इन सभी बिंदुओं की जांच कराई जाए। उन्होंने इस मामले में आयुष्मान से जुड़े कर्मचारियों की भूमिका की भी जांच कराने की मांग की है।
पुलिसकर्मी बेटे को लेकर DM के पास पहुंचे पिता
बाबू अंसारी का बेटा मोहम्मद जावेद अंसारी पुलिस कांस्टेबल है और बिथरी चैनपुर क्षेत्र में पीआरवी-112 पर तैनात है। बाबू अपने बेटे के साथ डीएम के पास पहुंचे और शिकायत सौंपकर कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि जांच में आयुष्मान और अस्पताल का रिकॉर्ड निकलने के बाद साफ हो जाएगा कि जब इलाज के रुपये नकद दिए गए थे तो आयुष्मान से क्लेम कैसे हुआ और उसकी रकम किसे मिली।