त्रिलोकी चौक

बरेली, 3 सितंबर।
नाथनगरी की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान अब शहर के प्रमुख चौराहों पर भी नजर आएगी। बरेली विकास प्राधिकरण (बीडीए) त्रिशूल तिराहा को त्रिलोकी चौक के रूप में विकसित करने की तैयारी में है। तिराहे की त्रिकोणीय संरचना को ध्यान में रखते हुए यहां के प्रमुख आइलैंड को आध्यात्मिक प्रतीकों, आकर्षक लैंडस्केपिंग और आधुनिक शहरी डिजाइन के साथ विकसित करने की योजना बनाई गई है।
बीडीए उपाध्यक्ष सौम्या पांडेय ने बताया कि त्रिकोणीय आइलैंड के केंद्र में महाशक्ति के प्रतीक के रूप में विशाल कमल शिल्प स्थापित करने की परिकल्पना है। इसके चारों ओर रंग-बिरंगे फूल, हरियाली और सजावटी पौधे लगाए जाएंगे। कमल को चौक का मुख्य आकर्षण बनाकर शक्ति, नारी शक्ति और सकारात्मक ऊर्जा का संदेश देने की योजना है। चौक के सामने सड़क के दूसरी ओर आकर्षक फोकस वॉल विकसित की जाएगी। इसमें मां पार्वती को शक्ति स्वरूप में प्रदर्शित करने के साथ नाथ परंपरा और भारतीय आध्यात्मिक विरासत से जुड़े स्थापत्य एवं कलात्मक तत्वों को शामिल किया जाएगा। फोकस वॉल पर बरेली विकास प्राधिकरण और नाथ कॉरिडोर की ब्रांडिंग भी प्रमुखता से होगी।

फव्वारों और हरियाली से बदलेगा पूरा लुक

फोकस वॉल के सामने फव्वारे विकसित किए जाएंगे। आसपास हरित क्षेत्र और फूलों की क्यारियां होंगी। यानी चौक पर आध्यात्मिक पहचान के साथ आधुनिक लैंडस्केपिंग का कॉम्बिनेशन दिखाई देगा। त्रिलोकी चौक को महज सौंदर्यीकरण तक सीमित नहीं रखा जाएगा। इसे नाथ कॉरिडोर की व्यापक थीम का हिस्सा बनाने की योजना है। इसी मार्ग पर आगे बीडीए द्वारा विश्वनाथ द्वार का निर्माण कराया जा रहा है। ऐसे में त्रिलोकी चौक से विश्वनाथ द्वार तक धार्मिक-सांस्कृतिक प्रतीकों को एक समान थीम में जोड़ने की तैयारी है।

छह लेन पीलीभीत रोड भी बनेगी थीम का हिस्सा

भविष्य में पीलीभीत रोड के प्रस्तावित छह लेन विकास को भी नाथ कॉरिडोर की थीम से जोड़ने की योजना है। इससे त्रिशूल तिराहे से विश्वनाथ द्वार और आगे विकसित होने वाले छह लेन मार्ग तक नाथनगरी की एक निरंतर और विशिष्ट पहचान दिखाई देगी। बीडीए उपाध्यक्ष सौम्या पांडेय ने कहा कि मुख्यमंत्री जी के विजन के अनुरूप बरेली की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान को आधुनिक शहरी विकास के साथ जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। त्रिशूल तिराहे की स्थिति और नाथ कॉरिडोर से इसके जुड़ाव को देखते हुए मां शक्ति और मां पार्वती की थीम चुनी गई है। उन्होंने कहा कि कमल को महाशक्ति के प्रतीक के रूप में केंद्र में रखते हुए लैंडस्केपिंग, फव्वारे और फोकस वॉल के माध्यम से इसे बरेली के नए सिटी लैंडमार्क के रूप में विकसित करने की योजना है।

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