बरेली। मानसून से पहले शहर को जलभराव से बचाने के लिए चलाए जा रहे नाला सफाई अभियान में बड़ी लापरवाही सामने आने पर नगर निगम ने सख्त कार्रवाई की है। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से हुई समीक्षा में नालों की सफाई व्यवस्था की हकीकत उजागर होने के बाद नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य ने संबंधित जूनियर इंजीनियर (जेई) विकास साहू को प्रतिकूल प्रविष्टि देने और ठेकेदार की फर्म पर तीन लाख रुपये का अर्थदंड लगाने की कार्रवाई शुरू कर दी है।
गुरुवार को हुई समीक्षा में सामने आया कि जिन नालों की सफाई और मॉनीटरिंग की जिम्मेदारी जेई विकास साहू को सौंपी गई थी, वहां कार्य केवल कागजों तक सीमित था। नगर आयुक्त के निर्देश पर कराए गए निरीक्षण में पता चला कि नालों से सिर्फ ऊपर तैरता कचरा हटाया जा रहा था, जबकि तली-झाड़ सफाई और सिल्ट निकासी का कार्य नहीं किया गया। कई स्थानों पर पर्याप्त सफाई कर्मचारी भी मौजूद नहीं मिले।
तीन सप्ताह बाद भी नहीं दिखी प्रगति
मुख्य अभियंता मनीष अवस्थी ने बताया कि जोन-एक और जोन-दो के अंतर्गत राजीव कॉलोनी मुख्य मार्ग से रेलवे लाइन तक तथा मिशन कंपाउंड से सुभाषनगर पुलिया होते हुए मंदिर तक नाला सफाई कार्य की स्थिति बेहद खराब मिली। लगभग तीन सप्ताह पहले शुरू हुए अभियान में अपेक्षित प्रगति नहीं दिखी। निरीक्षण के दौरान न तो निकाली गई सिल्ट दिखाई दी और न ही सफाई कार्य में आवश्यक संसाधनों का उपयोग मिला।
जेई की निगरानी पर उठे सवाल
नगर निगम अधिकारियों के अनुसार कार्य की वास्तविक स्थिति खराब होने के बावजूद संबंधित जेई द्वारा ठेकेदार को कोई नोटिस जारी नहीं किया गया और न ही किसी प्रकार की दंडात्मक कार्रवाई प्रस्तावित की गई। इससे कार्य की निगरानी और गुणवत्ता नियंत्रण पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। नगर निगम ने जेई विकास साहू से स्पष्टीकरण तलब करते हुए प्रतिकूल प्रविष्टि का नोटिस जारी किया है।
ठेकेदार पर तीन लाख रुपये का अर्थदंड प्रस्तावित
नाला सफाई का कार्य कर रही ठेकेदार फर्म के संचालक इम्तियाज अहमद को जारी नोटिस में कहा गया है कि कार्य में घोर लापरवाही बरती गई। मौके पर जेसीबी समेत जरूरी संसाधन उपलब्ध नहीं थे और सफाई कार्य निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं पाया गया। इस पर तीन लाख रुपये का अर्थदंड लगाने की कार्रवाई प्रस्तावित की गई है।
बारिश से पहले हर हाल में पूरी होगी सफाई
नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य ने स्पष्ट किया कि नाला सफाई जैसे महत्वपूर्ण कार्य में किसी भी प्रकार की ढिलाई स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि बारिश शुरू होने से पहले सभी प्रमुख नालों की तली-झाड़ सफाई और सिल्ट उठान का कार्य पूरा कराया जाएगा, ताकि शहरवासियों को जलभराव की समस्या का सामना न करना पड़े।