पुलिस की गिरफ्त में आरोपी

बरेली। दिल्ली रूट पर बस संचालन को लेकर शाहजहांपुर में निगोही के बस मालिकों के दो गुटों में गैंगवार हो गई। दोनों पक्षों ने लाइसेंसी पिस्टल समेत कई असलहों से जमकर बस और गाड़ियों से फायरिंग की। लग्जरी गाड़ियों में सवार होकर एक-दूसरे का पीछा किया। हाईवे पर कई किलोमीटर तक दहशत का माहौल बना रहा। भोजीपुरा पुलिस ने दोनों पक्षों की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर तीन लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों को छुड़ाने के लिए विधायकों और मंत्रियों ने थाना पुलिस ने से लेकर अधिकारियों तक कई फोन किये, लेकिन बात नहीं बनी।

शाहजहांपुर जिले के निगोही के बस संचालक गोल्डी गुट और मानवेंद्र-अमरीश गुट के बीच दिल्ली रूट पर बस संचालन को लेकर लंबे समय से वर्चस्व की लड़ाई चल रही है। गोल्डी पक्ष पिछले करीब दस वर्षों से इस रूट पर बसों का संचालन कर रहा है, जबकि मानवेंद्र-अमरीश गुट ने एक जून से नई बस सेवा शुरू की है। नई बस के संचालन के साथ ही दोनों पक्षों के बीच तनातनी बढ़ गई थी।

बस पर लगी गोली

बसों की टक्कर के बाद जुट गए दोनों गुट

मंगलवार देर रात मिलक क्षेत्र के पास दोनों पक्षों की बसों के बीच टक्कर हो गई। मामला बढ़ते बढ़ते फतेहगंज पश्चिमी तक आ गया। इसके बाद चालक और संचालकों के बीच कहासुनी शुरू हुई, जो देखते ही देखते बड़े विवाद में बदल गई। दोनों ओर से समर्थक मौके पर पहुंचने लगे और माहौल तनावपूर्ण हो गया। इस दौरान दोनों पक्षों ने एक दूसरे पर फायर झोंकने शुरू कर दिये। मानवेंद्र गैंग के लोगों ने दूसरी बस के ड्राइवर और कंडक्टर को अगवा कर अपनी गाड़ी में डाल लिया। इसके बाद उसे लेकर निगोही थाने पहुंचे। हालांकि बाद में पता लगा कि घटनास्थल भोजीपुरा थाना क्षेत्र है।

टोल प्लाजा के पास फिर गरजीं बंदूकें

गोल्डी पक्ष के लोग अपने ड्राइवर और कंडक्टर को छुड़ाने पहुंचे तो फतेहगंज पश्चिमी टोल प्लाजा के पास दोनों पक्षों का दोबारा आमना-सामना हो गया। यहां फिर कई राउंड फायरिंग हुई। सूचना मिलते ही भोजीपुरा पुलिस, सर्विलांस टीम और आसपास के थानों की फोर्स मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने घेराबंदी कर तीन लोगों को गिरफ्तार कर लिया। उनके कब्जे से पिस्टल समेत अन्य असलहे भी बरामद किए गए हैं। घटना के बाद गिरफ्तार आरोपियों को छुड़ाने के लिए शाहजहांपुर से लेकर बरेली तक कई नेताओं, विधायक और मंत्रियों ने पुलिस अधिकारियों से संपर्क किया।

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फायरिंग और रंगदारी के आरोप

रानवेन्द्र सिंह की ओर से भोजीपुरा थाने में दर्ज कराई तहरीर में आरोप लगाया गया कि नई बस सेवा शुरू करने पर दो लाख रुपये रंगदारी मांगी गई थी। आरोप है कि भोजीपुरा ओवरब्रिज के पास बस का पीछा कर लाइसेंसी और अवैध असलहों से फायरिंग की गई। जान बचाने के लिए उनके साथी ने आत्मरक्षा में हवाई फायर किया। वहीं दूसरे पक्ष वीरेन्द्रपाल सिंह की तहरीर के अनुसार उनकी बस मेरठ के लिए रवाना हुई थी। मिलक बाईपास के पास दूसरी बस से टक्कर होने के बाद पीछा किया गया। आरोप है कि फतेहगंज पश्चिमी टोल पार करते ही कई वाहनों में सवार लोगों ने बस को रोकने की कोशिश की और चालक व हेल्पर को कब्जे में लेकर मारपीट की। दोनों को कथित रूप से बंधक बनाकर रातभर अलग-अलग स्थानों पर रखा गया और तड़के घायल अवस्था में छोड़ दिया गया।

दोनों पक्षों पर मुकदमा, जांच जारी

एएसपी शिवम आशुतोष ने बताया कि बस संचालन को लेकर विवाद और फायरिंग की सूचना मिली थी। तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है। भोजीपुरा पुलिस ने दोनों पक्षों के 15 नामजद वीरेंद्र सिंह गोल्डी, पिन्टू तिवारी, पिन्टू यादव, विशाल यादव, पंकज, बाबी, कामरान, बाबर चौधरी और 10 अज्ञात दूसरे पक्ष के मोनू सिंह, अमरीश, मनोज यादव, सूरज, महेश, तौफीक, मुजीब और अन्य अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। बरामद असलहों को कब्जे में लेकर फोरेंसिक जांच कराई जा रही है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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