वॉशिंगटन। डायनासोर युग के समुद्रों को लेकर अब तक जो तस्वीर सामने आती रही, वह पूरी तरह बदलती दिख रही है। ताजा वैज्ञानिक शोध ने दावा किया है कि करीब 10 करोड़ साल पहले समुद्रों का असली ‘किंग’ कोई विशाल सरीसृप नहीं, बल्कि 62 फुट लंबा एक खौफनाक ‘क्रैकन’ जैसा ऑक्टोपस था। इस विशाल जीव की ताकत इतनी ज्यादा थी कि वह अपने शिकार की हड्डियों तक को चकनाचूर कर देता था और महासागरों में उसका दबदबा कायम था।
62 फुट का दानव, जिसने बदली समुद्र की सत्ता
वैज्ञानिकों के मुताबिक, यह विशाल ऑक्टोपस आज के ऑक्टोपस से कई गुना बड़ा और ज्यादा खतरनाक था। इसकी लंबाई करीब 62 फीट (18 मीटर) तक हो सकती थी, जो इसे उस दौर के सबसे बड़े जीवों में शामिल करती है। यह आकार किसी बस जितना माना जा रहा है। इसकी आठ शक्तिशाली भुजाएं शिकार को जकड़ने के लिए काफी थीं और एक बार पकड़ में आने के बाद बच निकलना लगभग नामुमकिन होता था। इस जीव को पौराणिक ‘क्रैकन’ से जोड़ा जा रहा है, जिसे समुद्र का राक्षस माना जाता है। अब वैज्ञानिकों का मानना है कि यह केवल कल्पना नहीं, बल्कि हकीकत के करीब था।
मोसासौर जैसे ‘समुद्री दिग्गज’ भी नहीं बचते थे
अब तक यह माना जाता रहा है कि Mosasaur जैसे विशाल समुद्री सरीसृप ही महासागरों के सबसे ताकतवर शिकारी थे। लेकिन नए शोध ने इस धारणा को चुनौती दी है। होक्काइडो यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों के अनुसार, यह विशाल ऑक्टोपस मोसासौर से भी लंबा हो सकता था और संभव है कि वह इन जैसे बड़े शिकारी जीवों का भी शिकार करता रहा हो। यह दावा समुद्री जीव विज्ञान की समझ को पूरी तरह बदल देता है।
जबड़ों के निशानों ने खोला राज
इस हैरान करने वाले निष्कर्ष के पीछे सबसे अहम भूमिका जीवाश्मों के विश्लेषण की रही। वैज्ञानिकों ने उस दौर के कई सेफालोपोड्स (ऑक्टोपस और स्क्विड जैसे जीव) के जबड़ों पर मौजूद घिसाव के निशानों का अध्ययन किया। इन निशानों से साफ हुआ कि ये जीव केवल छोटे शिकार नहीं, बल्कि बड़े और मजबूत जीवों का मांस खाते थे। उनके जबड़ों पर गहरे और व्यापक घिसाव के संकेत बताते हैं कि वे सक्रिय शिकारी थे और शिकार को कुचलने की क्षमता रखते थे।
झुंड में करते थे शिकार, रणनीति भी थी खतरनाक
शोध में यह भी सामने आया है कि ये विशाल ऑक्टोपस अकेले ही नहीं, बल्कि समूह में भी शिकार करते थे। यह व्यवहार आज के समुद्री जीवों में कम ही देखने को मिलता है, लेकिन इस प्रजाति के लिए यह उनकी ताकत का अहम हिस्सा था। विशेषज्ञों का मानना है कि समूह में शिकार करने से वे बड़े से बड़े जीव को भी आसानी से गिरा सकते थे। उनकी रणनीति में पहले शिकार को घेरना, फिर भुजाओं से जकड़ना और अंत में चोंच से कुचल देना शामिल था।
Nanaimoteuthis प्रजाति का खुलासा
शोध में जिन जीवों की पहचान की गई है, उनमें Nanaimoteuthis jeletzkyi और Nanaimoteuthis haggarti प्रमुख हैं। इनमें से N. haggarti का आकार असाधारण रूप से बड़ा माना जा रहा है। वैज्ञानिकों का कहना है कि ये अब तक पहचाने गए सबसे बड़े बिना रीढ़ वाले जीव (इनवर्टेब्रेट्स) हो सकते हैं। यह खोज समुद्री जीवों के विकास और उनकी ताकत को लेकर नई बहस छेड़ रही है।
पुरानी रिसर्च को मिली चुनौती
अब तक की अधिकांश रिसर्च में यह माना जाता था कि समुद्र की फूड चेन में शीर्ष पर बड़े रीढ़ वाले जीव ही होते थे। बिना रीढ़ वाले जीव (जैसे ऑक्टोपस) केवल उनका शिकार बनते थे। लेकिन इस नई स्टडी ने इस धारणा को पूरी तरह पलट दिया है। अब यह साफ हो रहा है कि कुछ इनवर्टेब्रेट्स भी फूड चेन के टॉप पर थे और उन्होंने महासागरों पर राज किया।
जुरासिक वर्ल्ड की कहानी अब लगती है सच के करीब
हॉलीवुड फिल्म Jurassic World में दिखाया गया विशाल समुद्री जीव, जो इंडोमिनस रेक्स जैसे खतरनाक डायनासोर को भी मार देता है, अब पूरी तरह काल्पनिक नहीं लगता। हालांकि फिल्म में दिखाया गया जीव एक काल्पनिक हाइब्रिड था, लेकिन यह नई खोज बताती है कि असल दुनिया में भी ऐसे खतरनाक समुद्री दानव मौजूद थे, जो बड़े से बड़े शिकारी को चुनौती दे सकते थे।
वैज्ञानिकों के लिए क्यों अहम है यह खोज?
यह खोज सिर्फ एक विशाल जीव की पहचान भर नहीं है, बल्कि यह समुद्री पारिस्थितिकी (Marine Ecosystem) की समझ को नया आयाम देती है। इससे यह स्पष्ट होता है कि विकास की प्रक्रिया में केवल बड़े और मजबूत रीढ़ वाले जीव ही नहीं, बल्कि कुछ नरम शरीर वाले जीव भी अत्यंत शक्तिशाली बन सकते हैं। वैज्ञानिकों का मानना है कि इस तरह की खोजें हमें पृथ्वी के प्राचीन इतिहास को समझने में मदद करती हैं और यह भी बताती हैं कि जीवन ने किस तरह अलग-अलग रूपों में खुद को ढाला।