Pilibhit: जिस मोबाइल को लोग हमेशा के लिए खोया हुआ मान चुके थे, उसे पीलीभीत पुलिस ने खोज निकाला। साइबर टीम की सटीक ट्रैकिंग और लगातार कार्रवाई के दम पर 209 गुम मोबाइल फोन बरामद कर उनके असली मालिकों को सौंप दिए गए। मोबाइल वापस मिलते ही लोगों के चेहरों पर खुशी लौट आई और पुलिस की कार्यशैली की जमकर सराहना हुई।
बरामद किए गए मोबाइल फोन की कुल कीमत 29 लाख 22 हजार 121 रुपये है। खास बात यह रही कि मोबाइल पाने वालों में केवल पीलीभीत ही नहीं, बल्कि गोरखपुर, सुल्तानपुर, बरेली, बदायूं, उत्तराखंड और महाराष्ट्र के लोग भी शामिल रहे। यह अभियान जिले की सीमाओं से आगे जाकर पुलिस की तकनीकी दक्षता का उदाहरण बन गया। पीलीभीत एसपी सुकीर्ति माधव के निर्देशन में साइबर क्राइम सेल और साइबर हेल्प डेस्क टीमों ने भारत सरकार के सीईआईआर पोर्टल की मदद से मोबाइल फोन ट्रैक किए। लोकेशन मिलने के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए मोबाइल बरामद किए और सत्यापन के बाद उन्हें वास्तविक मालिकों को सौंप दिया।
शिकायत को गंभीरता से लिया, तकनीक के दम पर मिली सफलता
एएसपी विक्रम दहिया ने बताया कि सभी मोबाइल जिले के अलग-अलग क्षेत्रों से गुम हुए थे। शिकायतें मिलने के बाद पुलिस ने तकनीकी जांच शुरू की और साइबर ट्रैकिंग के जरिए लगातार प्रयास करते हुए सभी मोबाइल बरामद कर लिए। मोबाइल वापस पाने वाले लोगों ने कहा कि उन्हें भरोसा नहीं था कि उनका फोन दोबारा मिल सकेगा। कई मोबाइलों में महत्वपूर्ण दस्तावेज, बैंकिंग जानकारी, फोटो और जरूरी संपर्क नंबर सुरक्षित थे। ऐसे में फोन की वापसी उनके लिए किसी राहत से कम नहीं रही।
मोबाइल खोए तो तुरंत करें शिकायत, बढ़ जाएगी बरामदगी की संभावना
एएसपी विक्रम दहिया ने लोगों से अपील की कि मोबाइल गुम होने या चोरी होने पर तुरंत संबंधित थाने में शिकायत दर्ज कराएं और सीईआईआर पोर्टल पर जानकारी अपलोड करें। समय रहते शिकायत करने पर मोबाइल की ट्रैकिंग और रिकवरी की संभावना काफी बढ़ जाती है। पीलीभीत पुलिस की उपलब्धि केवल 209 मोबाइल तक सीमित नहीं है। वर्ष 2026 में अब तक पुलिस करीब 53 लाख रुपये मूल्य के लगभग 400 मोबाइल फोन बरामद कर उनके मालिकों को वापस सौंप चुकी है।