श्रावस्ती, संवाददाता। जिले को नई प्रशासनिक दिशा मिल गई है। वर्ष 2016 बैच की तेजतर्रार आईएएस अधिकारी Annapurna Garg ने श्रावस्ती की 38वीं जिलाधिकारी के रूप में कार्यभार ग्रहण कर लिया। पदभार संभालते ही पुलिस लाइन में उन्हें औपचारिक गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। इस मौके पर जिले के तमाम प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी मौजूद रहे और नई डीएम का स्वागत किया। उनके आगमन के साथ ही जिले में प्रशासनिक सख्ती और तेज फैसलों की उम्मीद बढ़ गई है।
अनुभव और सख्त कार्यशैली से पहचान
आईएएस अन्नपूर्णा गर्ग उत्तर प्रदेश कैडर की उन अधिकारियों में गिनी जाती हैं, जिनकी पहचान परिणाम देने वाली कार्यशैली से होती है। 2016 में भारतीय प्रशासनिक सेवा में चयन के बाद उन्होंने कई जिलों में अहम जिम्मेदारियां निभाईं। जहां-जहां उन्होंने काम किया, वहां योजनाओं की ग्राउंड मॉनिटरिंग, अधिकारियों की जवाबदेही तय करने और जनता से सीधे संवाद पर खास जोर दिया गया। उनकी छवि एक ऐसी अधिकारी की रही है, जो फाइलों के बजाय फील्ड पर ज्यादा भरोसा करती हैं। यही वजह है कि उनके पिछले कार्यकाल में विकास कार्यों में तेजी और प्रशासनिक पारदर्शिता देखने को मिली।
पदभार संभालते ही सख्त संदेश
कार्यभार ग्रहण करने के तुरंत बाद डीएम अन्नपूर्णा गर्ग ने अधिकारियों के साथ पहली बैठक की और स्पष्ट संदेश दिया—“लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी।” उन्होंने कहा कि शासन की योजनाओं का क्रियान्वयन पूरी पारदर्शिता और संवेदनशीलता के साथ किया जाए। उन्होंने निर्देश दिया कि किसी भी स्तर पर जनता की समस्याओं को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा। हर विभाग को समयबद्ध परिणाम देने होंगे और आपसी समन्वय के साथ काम करना होगा। बैठक में कई विभागों की प्राथमिकताएं तय की गईं और काम की समयसीमा भी निर्धारित की गई।
जनकल्याणकारी योजनाओं पर रहेगा फोकस
नई डीएम ने साफ किया कि सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना प्रशासन की पहली जिम्मेदारी है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि योजनाओं की नियमित समीक्षा की जाए और फील्ड स्तर पर जाकर सत्यापन किया जाए। गरीब, किसान, मजदूर, महिला और कमजोर वर्गों के लिए चल रही योजनाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई। उन्होंने कहा कि पात्र लाभार्थियों को समय पर लाभ न मिलना सबसे बड़ी प्रशासनिक विफलता मानी जाएगी।
कानून-व्यवस्था पर जीरो टॉलरेंस
डीएम अन्नपूर्णा गर्ग ने कानून-व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए पुलिस और प्रशासन को अलर्ट मोड में रहने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिले में शांति और सुरक्षा का माहौल बनाए रखना सबसे जरूरी है। संवेदनशील क्षेत्रों पर विशेष नजर रखने, विवादित मामलों को समय रहते सुलझाने और अपराध पर तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने साफ कहा कि किसी भी कीमत पर कानून व्यवस्था से समझौता नहीं किया जाएगा।
विकास कार्यों को मिलेगी रफ्तार
जिलाधिकारी ने सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, कृषि और ग्रामीण विकास से जुड़े कार्यों को गति देने का संकल्प लिया। उन्होंने कहा कि विकास योजनाओं की नियमित समीक्षा खुद जिलाधिकारी स्तर से की जाएगी। रुकी हुई परियोजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर पूरा कराने, निर्माण कार्यों की गुणवत्ता की जांच और समयसीमा में काम पूरा करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि विकास सिर्फ कागजों में नहीं, जमीन पर दिखना चाहिए।
जनसुनवाई व्यवस्था होगी और मजबूत
नई डीएम ने कहा कि आम जनता की समस्याओं का समाधान प्रशासन की प्राथमिकता है। जनसुनवाई को और प्रभावी बनाया जाएगा और शिकायतों के निस्तारण में देरी करने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने तहसील, ब्लॉक और जिला स्तर पर जनता से सीधे संवाद बढ़ाने के निर्देश दिए, ताकि लोगों को छोटी-छोटी समस्याओं के लिए जिला मुख्यालय के चक्कर न लगाने पड़ें। कार्यभार ग्रहण कार्यक्रम के दौरान मुख्य विकास अधिकारी शाहिद अहमद समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। सभी ने नई जिलाधिकारी को सहयोग का भरोसा दिलाया और जिले के विकास को नई दिशा देने का संकल्प लिया।
नई उम्मीदों के साथ नई शुरुआत
अन्नपूर्णा गर्ग के डीएम बनने से श्रावस्ती में प्रशासनिक सक्रियता बढ़ने की उम्मीद है। उनकी सख्त कार्यशैली, पारदर्शी प्रशासन और जनता से सीधे संवाद की नीति को देखते हुए जिले की जनता को बेहतर शासन की आस है। अब देखना यह होगा कि नई डीएम अपने फैसलों और कार्यशैली से श्रावस्ती को विकास की नई रफ्तार दे पाती हैं या नहीं, लेकिन शुरुआती संकेत बता रहे हैं कि जिले में प्रशासनिक ढर्रा बदलने वाला है।