नई दिल्ली। महिला आरक्षण बिल को लेकर देश की राजनीति में जबरदस्त घमासान मचा हुआ है। लोकसभा में ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ पास न हो पाने के बाद सियासी बयानबाजी चरम पर पहुंच गई है। इसी बीच कांग्रेस छोड़ चुके नेता Acharya Pramod Krishnam ने कांग्रेस और खासतौर पर Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोलते हुए विवाद को और भड़का दिया है।
‘देश की सबसे बड़ी समस्या बन चुके हैं राहुल’
आचार्य प्रमोद कृष्णम ने राहुल गांधी पर सीधा निशाना साधते हुए कहा कि देश की सबसे बड़ी समस्या अब राहुल गांधी बन चुके हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि महिलाओं के मुद्दे से लेकर धारा 370, तीन तलाक, सेना, चुनाव आयोग और यहां तक कि राम मंदिर जैसे विषयों पर भी राहुल गांधी ने लगातार विरोध और विवाद खड़ा किया है। उनका कहना था कि विपक्ष की राजनीति अब मुद्दों से हटकर केवल विरोध तक सीमित रह गई है और इसका खामियाजा देश की जनता को भुगतना पड़ रहा है।
‘नारी शक्ति का अपमान करने वालों का पतन तय’
महिला आरक्षण बिल पर टिप्पणी करते हुए आचार्य प्रमोद कृष्णम ने कहा कि जो भी नारी शक्ति का सम्मान नहीं करेगा, उसका पतन निश्चित है। उन्होंने दावा किया कि देशभर में महिलाएं इस मुद्दे पर आक्रोशित हैं और विपक्ष के रवैये को नकार रही हैं। उन्होंने कहा कि कश्मीर से कन्याकुमारी और अटक से कटक तक महिलाओं के बीच एक ही संदेश जा रहा है—नारी शक्ति के अधिकारों को रोकने की कोशिश हुई है। उनका आरोप है कि राहुल गांधी के नेतृत्व में विपक्ष ने महिलाओं को उनका अधिकार दिलाने में बाधा डाली।
आधी आबादी के हक पर सियासत?
आचार्य प्रमोद कृष्णम ने आगे कहा कि राहुल गांधी को अब यह एहसास हो गया है कि उन्होंने देश की आधी आबादी के अधिकारों को नुकसान पहुंचाया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री Narendra Modi महिलाओं को राजनीतिक प्रतिनिधित्व देना चाहते थे, लेकिन विपक्ष ने इसका विरोध कर दिया। उनके मुताबिक, इतिहास गवाह है कि जिसने भी महिलाओं के सम्मान के साथ खिलवाड़ किया, उसका अंत बुरा हुआ है। उन्होंने इसे केवल राजनीतिक मुद्दा नहीं बल्कि सामाजिक और नैतिक सवाल बताया।
‘सफाई देते घूम रहे हैं राहुल गांधी’
प्रमोद कृष्णम ने कहा कि महिला आरक्षण बिल को लेकर राहुल गांधी अब सफाई देते नजर आ रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष पहले इस बिल के खिलाफ खड़ा रहा और अब जनभावना को देखते हुए अपने रुख को बदलने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने कहा कि जनता सब देख रही है और आने वाले समय में इसका जवाब भी देगी।
देशभर में विरोध-प्रदर्शन, महिलाओं में नाराजगी
महिला आरक्षण बिल को लेकर देश के कई हिस्सों में विरोध-प्रदर्शन देखने को मिल रहे हैं। भारतीय जनता पार्टी (BJP) इस मुद्दे पर विपक्ष को घेरने में जुटी है। जगह-जगह महिलाओं द्वारा विपक्ष के खिलाफ प्रदर्शन और पुतला दहन की खबरें सामने आ रही हैं। आचार्य प्रमोद कृष्णम ने दावा किया कि खासतौर पर माताएं और बहनें इस मुद्दे पर आक्रोशित हैं और कांग्रेस के खिलाफ खुलकर सामने आ रही हैं। हालांकि विपक्ष इस दावे को सिरे से खारिज कर रहा है और सरकार पर ही राजनीति करने का आरोप लगा रहा है।
‘मानसिक संतुलन खो बैठे हैं’—तीखा बयान
अपने बयान में प्रमोद कृष्णम ने सबसे तीखा हमला करते हुए कहा कि राहुल गांधी का मानसिक संतुलन बिगड़ चुका है। उन्होंने कहा कि महिलाओं के मुद्दे पर घिरने के बाद राहुल गांधी अनर्गल बयान दे रहे हैं। यह बयान आते ही सियासी गलियारों में हलचल तेज हो गई है। कांग्रेस नेताओं ने इसे व्यक्तिगत हमला बताते हुए इसकी निंदा की है, जबकि बीजेपी इसे विपक्ष की हताशा करार दे रही है।
संसद से सड़क तक छिड़ी जंग
महिला आरक्षण बिल पर यह विवाद अब संसद से निकलकर सड़कों तक पहुंच चुका है। जहां एक तरफ सरकार इसे महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में बड़ा कदम बता रही है, वहीं विपक्ष प्रक्रिया और प्रावधानों को लेकर सवाल उठा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह मुद्दा आने वाले चुनावों में बड़ा चुनावी एजेंडा बन सकता है, क्योंकि यह सीधे आधी आबादी से जुड़ा हुआ है।
क्या है ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’?
‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ के तहत संसद और विधानसभा में महिलाओं के लिए 33% आरक्षण का प्रावधान प्रस्तावित है। सरकार इसे ऐतिहासिक कदम बता रही है, लेकिन विपक्ष का कहना है कि इसमें कई तकनीकी और संवैधानिक खामियां हैं। यही वजह है कि बिल को लेकर सहमति नहीं बन सकी और यह संसद में अटक गया।