नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज और भारत को लेकर बड़ा बयान दिया है। ब्रिक्स समूह की बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि ईरान अपने मित्र देशों के लिए समुद्री मार्ग बंद नहीं करेगा। साथ ही उन्होंने भारत की भूमिका की खुलकर सराहना की और क्षेत्रीय शांति के लिए कूटनीति को सबसे बेहतर रास्ता बताया।
अमेरिका को सुनाई खरी-खरी
अब्बास अराघची ने अमेरिका पर निशाना साधते हुए कहा कि दबाव और आक्रामकता से किसी समस्या का समाधान नहीं निकल सकता। उन्होंने कहा कि अमेरिका ने ईरान को “टेस्ट” करने की कोशिश की, लेकिन उसे समझ आ चुका है कि सैन्य दबाव से कुछ हासिल नहीं होगा। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि अमेरिका की ओर से मिल रहे विरोधाभासी संदेशों के कारण शांति वार्ता आगे नहीं बढ़ पा रही है।
भारत की भूमिका की तारीफ
ईरानी विदेश मंत्री ने ब्रिक्स मंच पर भारत की नेतृत्वकारी भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि पश्चिम एशिया के मौजूदा हालात में बातचीत और कूटनीति ही स्थायी समाधान का रास्ता है। उन्होंने कहा कि भारत जैसे देश क्षेत्रीय स्थिरता और संवाद को मजबूत करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर दिया नया अपडेट
अब्बास अराघची ने साफ किया कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज उनके “मित्र देशों” के लिए बंद नहीं है। उन्होंने कहा कि केवल दुश्मन देशों को लेकर सुरक्षा सतर्कता बरती जा रही है। ईरान ने यह भी कहा कि समुद्री आवागमन जारी रहेगा, लेकिन सुरक्षित संचालन के लिए सैन्य समन्वय जरूरी होगा।
वैश्विक व्यापार के लिए अहम है स्ट्रेट ऑफ होर्मुज
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में गिना जाता है। इसी रास्ते से बड़ी मात्रा में कच्चा तेल और गैस की सप्लाई होती है। ऐसे में ईरान के बयान को वैश्विक ऊर्जा बाजार और अंतरराष्ट्रीय व्यापार के लिहाज से अहम माना जा रहा है।