बरेली। आयुष्मान कार्ड धारकों से रुपये लेकर इलाज के आरोपों और जांच के घेरे में फंसे देव प्राइमस अस्पताल के प्रबंधन की मुसीबतें बढ़ती जा रहीं हैं। अस्पताल प्रबंधन पर अब डॉक्टरों की योग्यता और पदनाम को लेकर भी सवाल खड़े हो गए हैं। अस्पताल में तैनात डॉक्टर अनिमेष को विभिन्न प्रचार बोर्डों और अस्पताल के दस्तावेजों में क्रिटिकल केयर स्पेशलिस्ट और एनेस्थेसिया बताया गया है, जबकि उनके पास केवल एमबीबीएस की ही डिग्री है।
19 मई को पीलीभीत के वीरेश की मौत के बाद परिजनों ने अस्पताल में हंगामा किया था। आरोप था कि आयुष्मान कार्ड होने के बावजूद अस्पताल ने 41 हजार रुपये का बिल थमा दिया। 21 मई को सीएमओ विश्राम सिंह के आदेश पर तीन सदस्यीय जांच समिति ने देव प्राइमस हॉस्पिटल का स्थलीय निरीक्षण किया। अस्पताल में आयुष्मान योजना के तहत भर्ती 12 मरीज मिले। समिति ने मरीजों और उनके परिजनों से इलाज, जांच और भुगतान को लेकर स्टाफ व अन्य लोगों के बयान दर्ज किये थे। जांच समिति ने अस्पताल प्रबंधन से आयुष्मान योजना के तहत भर्ती मरीजों के इलाज से संबंधित अभिलेखों का परीक्षण किया। जांच टीम ने भर्ती प्रक्रिया, बिलिंग रिकॉर्ड, जांच शुल्क और आईसीयू में भर्ती किए गए मरीजों की फाइलों की भी पड़ताल की थी।
आयुष्मान मरीजों से वसूली के आरोपों की हो रही है जांच
देव प्राइमस अस्पताल के डायरेक्टर डॉ. मनीष ने कमिश्नर और मुख्य चिकित्सा अधिकारी को शिकायत कर अस्पताल संचालन से जुड़ी कई गंभीर अनियमितताओं का आरोप लगाया था। इसके बाद सीएमओ के निर्देश पर गठित जांच टीम ने अस्पताल पहुंचकर दस्तावेजों और व्यवस्थाओं की पड़ताल की थी। सीएमओ ने हास्पिटल के सभी डायरेक्टर और डाक्टर व स्टाफ से भी जानकारी की थी। हालांकि जांच की कार्रवाई से बचने के लिये अभी तक कई डाक्टर सामने नहीं आये हैं।
डाक्टर की डिग्रियों को लेकर ठिटकी जांच
देव प्राइमस अस्पताल परिसर और अन्य स्थानों पर लगाए बोर्डों में डॉक्टर अनिमेष का नाम क्रिटिकल केयर स्पेशलिस्ट के रूप में प्रदर्शित किया गया है। आरोप है कि संबंधित विशेषज्ञता से जुड़ी कोई उच्च डिग्री या सुपर स्पेशियलिटी योग्यता उनके पास नहीं है। ऐसे में अस्पताल प्रबंधन द्वारा मरीजों और आम जनता के समक्ष उन्हें विशेषज्ञ चिकित्सक के रूप में प्रस्तुत किए जाने पर सवाल उठ रहे हैं। हास्पिटल में आने वाले मरीजों को गुमराह किया गया। अस्पताल प्रबंधन ने फर्जीवाड़ा कर डा. अनिमेष की विशेषज्ञता की पहचान को छिपाया। डॉक्टर अनिमेष की योग्यता और उन्हें विशेषज्ञ चिकित्सक के रूप में प्रदर्शित किए जाने के मुद्दे के सामने आने के बाद जांच की मांग और तेज हो गई है।
अस्पताल के निदेशक ने लगाए थे गंभीर आरोप
देव प्राइमस अस्पताल के निदेशक डॉ. मनीष गोयल ने बताया की सीएमओ ने इस मामले में सभी डाक्टरों से बात की है। जांच पड़ताल के बाद अब सभी डाक्टरों की जिम्मेदारी और जवाबदेही तय की जा रही है। डा. अनिमेश के पास एमबीबीएस की डिग्री है। बरेली के सीएमओ डा. विश्राम सिंह ने बताया कि पूरे मामले की जांच की जा रही है, वहीं नोडल अधिकारी डॉ राकेश ने बताया कि इस पूरे मामले की जांच कर रिपोर्ट सीएमओ को सौंप दी है।