बरेली। नगर निगम ने गृहकर निर्धारण में पारदर्शिता बढ़ाने और राजस्व में होने वाली संभावित हानि रोकने के लिए नई निगरानी व्यवस्था लागू करने का फैसला किया है। अब शहर के चारों जोन में किसी भी समय औचक निरीक्षण कर भवनों की वास्तविक स्थिति और उस पर लगाए गए गृहकर का मिलान किया जाएगा। अनियमितता मिलने पर संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई होगी।
मुख्य कर निर्धारण अधिकारी पीके द्विवेदी द्वारा तैयार कार्ययोजना के तहत अधिकारी बिना पूर्व सूचना के किसी भी क्षेत्र में पहुंचकर भवनों का निरीक्षण करेंगे। मौके पर भवन की वास्तविक श्रेणी और रिकॉर्ड में दर्ज श्रेणी का मिलान किया जाएगा। यदि दोनों में अंतर पाया गया तो उसकी विस्तृत जांच कर रिपोर्ट तैयार की जाएगी।
कर अधीक्षक, टीसी और राजस्व निरीक्षक होंगे जवाबदेह
निरीक्षण के दौरान संबंधित कर अधीक्षक, टैक्स कलेक्टर (टीसी) और राजस्व निरीक्षक की कार्यप्रणाली भी जांच के दायरे में रहेगी। किसी भी स्तर पर लापरवाही या गलत गृहकर निर्धारण सामने आने पर संबंधित कर्मचारियों की जिम्मेदारी तय की जाएगी।
कम गृहकर या कम व्यावसायिक भवन मिलने पर होगी अलग जांच
यदि किसी क्षेत्र में व्यावसायिक भवनों की संख्या अपेक्षा से कम दर्ज पाई जाती है या भवनों पर निर्धारित गृहकर वास्तविक स्थिति के मुकाबले कम मिलता है, तो उस क्षेत्र की अलग से विस्तृत जांच कराई जाएगी। इसके आधार पर राजस्व हानि के कारणों का भी पता लगाया जाएगा।
पारदर्शी होगी व्यवस्था, गड़बड़ी करने वालों पर कार्रवाई
मुख्य कर निर्धारण अधिकारी पीके द्विवेदी ने बताया कि नई व्यवस्था का उद्देश्य गृहकर निर्धारण को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाना है। इससे राजस्व संग्रह में वृद्धि होगी और कर निर्धारण में होने वाली गड़बड़ियों पर अंकुश लगेगा। जांच में अनियमितता या लापरवाही मिलने पर संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।