बरेली। शहर की महत्वाकांक्षी सीएम ग्रिड योजना का पहला चरण तय समयसीमा में पूरा नहीं हो सका। एक वर्ष के भीतर कार्य पूरा करने की समयसीमा चार बार बढ़ानी पड़ी, लेकिन इसके बावजूद मॉडल टाउन, स्टेडियम रोड और डीडीपुरम समेत कई क्षेत्रों में सड़क, फुटपाथ और ड्रेनेज से जुड़े कार्य अब भी अधूरे हैं। निर्माण की गुणवत्ता और तकनीकी खामियों को लेकर लगातार शिकायतें सामने आने के बावजूद प्रभावी कार्रवाई न होने से योजना की मॉनिटरिंग और गुणवत्ता नियंत्रण व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं।
सीएम ग्रिड योजना के पहले चरण के तहत वार्ड-8 मॉडल टाउन को चयनित किया गया था। करीब 58.17 करोड़ रुपये के इस कार्य का ठेका अनमोल एसोसिएट्स को दिया गया। एजेंसी ने 7 नवंबर 2024 से काम शुरू किया था और इसे 6 फरवरी 2026 तक पूरा किया जाना था, लेकिन निर्धारित अवधि में काम पूरा नहीं हो सका। इसके बाद समयसीमा चार बार बढ़ानी पड़ी। नगर निगम का कहना है कि तकनीकी कारणों और मौसम की परिस्थितियों के चलते कार्य प्रभावित हुआ। योजना के तहत सड़क, फुटपाथ, सीवर लाइन और सौंदर्यीकरण के कार्य कराए गए, लेकिन कई स्थानों पर अब भी अधूरे निर्माण, उखड़े फुटपाथ, धंसी सड़कें और जलनिकासी की समस्याएं बनी हुई हैं। बारिश के दौरान इन कमियों का असर और अधिक स्पष्ट दिखाई दिया, जिससे स्थानीय लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
विशेषज्ञों की सलाह पर नहीं हुआ पूरा अमल
योजना की शुरुआत में ही आईआईटी कानपुर और एएमयू के विशेषज्ञों ने गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए नियमित थर्ड पार्टी मॉनिटरिंग, तकनीकी ऑडिट और गुणवत्ता परीक्षण कराने की सलाह दी थी। जानकारों का कहना है कि यदि इन सुझावों को पूरी तरह लागू किया जाता तो निर्माण संबंधी कई तकनीकी खामियों को समय रहते दूर किया जा सकता था। करीब 35 करोड़ रुपये के तीसरे चरण का ठेका भी फिर से अनमोल एसोसिएट्स को दिए जाने के बाद नगर निगम की टेंडर प्रक्रिया को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। स्थानीय लोगों का सवाल है कि पहले चरण के कार्यों पर लगातार शिकायतें और समयसीमा बढ़ने के बावजूद उसी एजेंसी को दोबारा जिम्मेदारी किस आधार पर सौंपी गई।
निगरानी और जवाबदेही पर सवाल
योजना की गुणवत्ता, निगरानी तंत्र और टेंडर प्रक्रिया को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों का कहना है कि यदि समय पर गुणवत्ता परीक्षण और जवाबदेही तय की जाती, तो बार-बार डेडलाइन बढ़ाने और निर्माण संबंधी शिकायतों की स्थिति पैदा नहीं होती। नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य ने बताया सीएम ग्रिड योजना के तीसरे चरण का ठेका हो चुका है। पहले चरण का कार्य भी लगभग पूरा होने की स्थिति में है। कार्यदायी संस्था को निर्धारित समयावधि में शेष कार्य पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।