नई दिल्ली। हाई ब्लड प्रेशर (हाइपरटेंशन) को आमतौर पर अधिक नमक, तनाव, मोटापा और खराब खानपान से जोड़कर देखा जाता है, लेकिन बार-बार बढ़ता ब्लड प्रेशर शरीर में थायरॉइड की गड़बड़ी का भी संकेत हो सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि ब्लड प्रेशर लगातार अनियंत्रित रहता है तो थायरॉइड की जांच कराना जरूरी है, क्योंकि थायरॉइड हार्मोन का असंतुलन हृदय और रक्तचाप दोनों को प्रभावित करता है।
हाइपोथायरायडिज्म से बढ़ सकता है हाई ब्लड प्रेशर
विशेषज्ञों के अनुसार, हाइपोथायरायडिज्म यानी थायरॉइड ग्रंथि का कम सक्रिय होना हाई ब्लड प्रेशर की एक बड़ी वजह बन सकता है। इस स्थिति में शरीर पर्याप्त मात्रा में T3 और T4 हार्मोन नहीं बना पाता, जिससे हृदय और रक्त वाहिकाओं की कार्यप्रणाली प्रभावित होती है।
थायरॉइड हार्मोन की कमी से बढ़ता है रक्तचाप का खतरा
थायरॉइड हार्मोन शरीर के मेटाबॉलिज्म, दिल की धड़कन और रक्त वाहिकाओं के लचीलेपन को नियंत्रित करते हैं। इन हार्मोन की कमी होने पर रक्त वाहिकाएं सख्त होने लगती हैं, जिससे ब्लड प्रेशर बढ़ सकता है। हाइपोथायरायडिज्म का प्रभाव विशेष रूप से डायस्टोलिक ब्लड प्रेशर (निचले रक्तचाप) पर देखा जाता है। हार्मोन का स्तर कम होने से दिल की धड़कन धीमी हो जाती है और रक्त संचार प्रभावित होने लगता है।
हाइपोथायरायडिज्म में नसें होने लगती हैं सख्त
विशेषज्ञों का कहना है कि थायरॉइड की कमी से खून की नसों का लचीलापन घटने लगता है। इससे रक्त प्रवाह प्रभावित होता है और हाई ब्लड प्रेशर का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे मरीजों को नियमित रूप से ब्लड प्रेशर और थायरॉइड दोनों की जांच करानी चाहिए।
हाई BP के मरीज जरूर कराएं थायरॉइड जांच
डॉक्टरों का कहना है कि जिन लोगों का ब्लड प्रेशर बार-बार बढ़ रहा है, उन्हें TSH टेस्ट जरूर कराना चाहिए। वहीं, हाइपोथायरायडिज्म के मरीजों को भी समय-समय पर घर पर ब्लड प्रेशर की निगरानी करनी चाहिए। विशेषज्ञों के मुताबिक, कुछ बीटा-ब्लॉकर्स और कैल्शियम चैनल ब्लॉकर्स दिल की धड़कन को और धीमा कर सकते हैं। इसलिए थायरॉइड के मरीज बिना डॉक्टर की सलाह के कोई भी दवा न लें।
DASH डाइट और योग से ब्लड प्रेशर रहेगा कंट्रोल
ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखने के लिए DASH डाइट को प्रभावी माना जाता है। इसमें फल, हरी सब्जियां, साबुत अनाज, कम वसा वाले डेयरी उत्पाद, मछली, नट्स और बीज शामिल किए जाते हैं। इसके साथ नियमित योग और कार्डियो एक्सरसाइज भी फायदेमंद हैं।
रोज 1500 मिलीग्राम से ज्यादा न लें सोडियम
विशेषज्ञों के अनुसार, प्रतिदिन 1500 मिलीग्राम से अधिक सोडियम का सेवन नहीं करना चाहिए। नमक की मात्रा नियंत्रित रखने से हाई ब्लड प्रेशर और हृदय रोग के खतरे को कम किया जा सकता है संतुलित आहार, नियमित व्यायाम, योग, पर्याप्त नींद और तनाव से दूरी जैसी अच्छी आदतें अपनाकर हाइपोथायरायडिज्म और हाई ब्लड प्रेशर दोनों को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है।