बरेली। कांवड़ यात्रा और आगामी उर्स-ए-आला हजरत को लेकर बरेली प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया है। बुधवार को डीएम अविनाश सिंह और एसएसपी अनुराग आर्य ने अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और धर्मगुरुओं के साथ बैठक की। इस दौरान उन्होंने कहा कानून-व्यवस्था से किसी भी तरह का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। नई परंपरा शुरू करने की अनुमति नहीं होगी और सभी आयोजन तय नियमों के तहत ही होंगे।
बैठक में शहर और ग्रामीण क्षेत्रों से आए लोगों ने कांवड़ मार्गों पर गड्ढों, जलभराव, लटकते बिजली के तार, ट्रांसफार्मरों और टूटी सड़कों की समस्या उठाई। इस पर डीएम ने संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि कांवड़ यात्रा शुरू होने से पहले सभी मार्ग दुरुस्त किए जाएं। नगर निगम, नगर पालिका और अन्य विभागों को सफाई, सड़क मरम्मत और जलनिकासी की व्यवस्था समय से पूरी करने को कहा गया। एसएसपी अनुराग आर्य ने कहा कि डीजे और वाहन की कुल ऊंचाई 12 फीट से अधिक नहीं होगी। कोई भी जत्था परंपरागत मार्ग से हटकर यात्रा नहीं निकालेगा। बाहर से डीजे मंगाने पर संबंधित थाने को पहले सूचना देनी होगी। डीजे पर ऐसे गीत नहीं बजेंगे जिनसे किसी भी वर्ग की धार्मिक भावनाएं आहत हों।
हर जत्थे पर रहेगी पुलिस की नजर, गांव-गांव जुटाई जाएगी जानकारी
पुलिस प्रशासन ने कांवड़ यात्रा को लेकर विस्तृत सुरक्षा योजना भी तैयार की है। हर गांव में पुलिसकर्मी पहुंचकर यह जानकारी जुटाएंगे कि कितने जत्थे निकलेंगे और उनका रूट क्या रहेगा। प्रत्येक जत्थे के लिए पुलिस की ओर से नोडल अधिकारी भी तैनात किए जाएंगे, ताकि यात्रा के दौरान किसी तरह की अव्यवस्था न हो। एसएसपी ने कहा कि सड़क पर स्टंटबाजी, सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने और माहौल बिगाड़ने की कोशिश करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। लोगों से अपील की गई कि किसी भी भ्रामक संदेश को बिना पुष्टि के आगे न बढ़ाएं और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें।
शिविरों में सुरक्षा और महिलाओं की सुविधा पर विशेष जोर
प्रशासन ने कांवड़ सेवा शिविर लगाने वालों को भी कई निर्देश दिए। शिविर सड़क के बाईं ओर लगाए जाएंगे, कांवड़ रखने के स्टैंड सड़क पर नहीं रखे जाएंगे और अग्निशमन के इंतजाम अनिवार्य होंगे। महिलाओं के लिए अलग शौचालय, सीसीटीवी कैमरे और स्वयंसेवकों के पहचान पत्र की व्यवस्था करने को भी कहा गया। बैठक में डीएम अविनाश सिंह ने कहा कि कांवड़ यात्रा और उर्स-ए-आला हजरत दोनों बड़े धार्मिक आयोजन हैं। प्रशासन की प्राथमिकता इन्हें पूरी तरह शांतिपूर्ण, सुरक्षित और सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न कराना है। इसके लिए सभी विभागों को समयबद्ध तरीके से तैयारियां पूरी करने और आम जनता से भी सहयोग की अपील की गई।