up newsआरोपी दरोगा

बरेली। भ्रष्टाचार पर शिकंजा कसते हुए एंटी करप्शन टीम बरेली ने बुधवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए उत्तर प्रदेश पुलिस के एक दरोगा को 6 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। आरोपी बिजली चोरी के मुकदमे में जेल न भेजने और मामला निपटाने का भरोसा देकर पीड़ित से रुपये मांग रहा था। जैसे ही उसने तय रकम हाथ में ली, पहले से जाल बिछाकर बैठी एंटी करप्शन टीम ने उसे मौके पर ही दबोच लिया।

बिजली चोरी के मुकदमे में दिलाने वाला था राहत

गिरफ्तार दरोगा की पहचान कृष्णपाल सिंह के रूप में हुई है। वह एंटी पावर थेफ्ट थाना, उसावां रोड, बदायूं में उपनिरीक्षक के पद पर तैनात है। पीड़ित हेमराज, निवासी नैथू थाना अलापुर, बदायूं ने आरोप लगाया था कि उसके खिलाफ दर्ज बिजली चोरी के मुकदमे में जेल न भेजने और केस खत्म कराने के बदले दरोगा 6 हजार रुपये की रिश्वत मांग रहा है। शिकायत मिलने के बाद एंटी करप्शन टीम ने पूरे मामले का सत्यापन किया। आरोप सही मिलने पर निरीक्षक रामलाल पाण्डेय के नेतृत्व में ट्रैप की योजना बनाई गई। बुधवार दोपहर करीब 12:28 बजे बदायूं स्थित डिवीजन द्वितीय विद्युत वितरण खंड कार्यालय, जो एंटी पावर थेफ्ट थाना परिसर में है, वहां पीड़ित ने तय रकम आरोपी को दी। रुपये हाथ में लेते ही टीम ने दरोगा को रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।

रिश्वत की रकम भी बरामद, मुकदमा दर्ज करने की कार्रवाई

कार्रवाई के दौरान आरोपी के कब्जे से रिश्वत के 6 हजार रुपये भी बरामद कर लिए गए। गिरफ्तारी के बाद उसके खिलाफ सिविल लाइंस थाने, बदायूं में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया गया है। इसके बाद एंटी करप्शन टीम आरोपी को अपने साथ ले गई। एक पुलिस दरोगा के रिश्वत लेते हुए पकड़े जाने की खबर से पुलिस महकमे में दिनभर चर्चाओं का दौर चलता रहा। एंटी करप्शन टीम की इस कार्रवाई को भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी सफलता माना जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि रिश्वतखोरी की शिकायतों पर आगे भी इसी तरह सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *