बरेली। निवेश के नाम पर लोगों से करोड़ों रुपये की ठगी करने के आरोपी आईसीएल म्यूचुअल बेनिफिट्स लिमिटेड के चेयरमैन एवं मैनेजिंग डायरेक्टर आरके गोला उर्फ रूप किशोर गोला की मुश्किलें बढ़ गई हैं। जिला उपभोक्ता प्रतितोष आयोग द्वितीय ने निवेशकों की धनराशि वापस न करने पर गोला के खिलाफ पांच गिरफ्तारी वारंट जारी किए हैं। मामले की अगली सुनवाई 20 जून को निर्धारित की गई है।
44.85 लाख रुपये लौटाने के आदेश की अवहेलना
आयोग ने पिछले महीनों पांच अलग-अलग मामलों में निवेशकों को कुल 44 लाख 85 हजार 691 रुपये लौटाने के आदेश दिए थे। इनमें क्रमशः 7.85 लाख, 8.37 लाख, 13.89 लाख, 6.56 लाख और 8.16 लाख रुपये की धनराशि शामिल है। आयोग के आदेश के बावजूद आरोपी ने निवेशकों का पैसा वापस नहीं किया।
समन पर भी नहीं हुआ पेश, अब जारी हुआ वारंट
पीड़ित निवेशकों ने आयोग में शिकायत दर्ज कराते हुए बताया कि आदेश के बाद भी आरोपी न तो धनराशि लौटा रहा है और न ही आयोग के समक्ष उपस्थित हो रहा है। आयोग द्वारा कई बार समन जारी किए गए, लेकिन रूप किशोर गोला पेश नहीं हुआ। इसके बाद आयोग ने कड़ा रुख अपनाते हुए उसके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी कर दिए।
एसएसपी को गिरफ्तारी कर पेश करने के निर्देश
आयोग ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को निर्देश दिया है कि आरोपी को गिरफ्तार कर आयोग के समक्ष प्रस्तुत किया जाए। साथ ही वारंट के निष्पादन की रिपोर्ट अथवा गिरफ्तारी न होने की स्थिति में उसके कारणों सहित 20 जून तक आयोग में प्रस्तुत करने के आदेश दिए गए हैं।
संपत्ति कुर्की में देरी पर आयोग नाराज
गणेशनगर निवासी तेजस्व पाल से 6.44 लाख रुपये की ठगी के मामले में आयोग पहले ही आरोपी की संपत्ति कुर्क करने का आदेश दे चुका है। हालांकि बरेली में अब तक कुर्की की कार्रवाई शुरू न होने पर आयोग ने प्रशासन से जवाब तलब किया है। आयोग के संज्ञान में यह भी आया है कि आरोपी अपनी अचल संपत्तियों को चोरी-छिपे बेचने की कोशिश कर रहा है।
करोड़ों की संपत्तियों पर भी मंडरा रहा खतरा
सूत्रों के अनुसार रूप किशोर गोला की शहर और आसपास के क्षेत्रों में करोड़ों रुपये की अचल संपत्तियां हैं। पीड़ितों का आरोप है कि कार्रवाई से बचने के लिए आरोपी लगातार अपनी संपत्तियों को ठिकाने लगाने में जुटा हुआ है। ऐसे में आयोग की अगली सुनवाई और प्रशासनिक कार्रवाई पर सभी की निगाहें टिकी हैं।