संभल। गंगा किनारे की संरक्षित सरकारी भूमि को दस्तावेजों में कृषि भूमि दिखाकर 800 बीघा से अधिक जमीन 162 अपात्र लोगों के नाम आवंटित करने के चर्चित घोटाले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। मामले में बर्खास्त तत्कालीन एसडीएम समेत छह आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। वहीं कई अधिकारियों पर निलंबन और विभागीय कार्रवाई की तलवार भी लटक गई है।

बर्खास्त एसडीएम समेत छह आरोपी गिरफ्तार

पुलिस ने वर्ष 2019 में हुए कथित फर्जीवाड़े के मामले में तत्कालीन बर्खास्त एसडीएम ओमवीर सिंह, तत्कालीन चकबंदी अधिकारी (सेवानिवृत्त) महेंद्र सिंह, वर्तमान में हरदोई में तैनात चकबंदीकर्ता भीमराव सिंह, सेवानिवृत्त राजस्व निरीक्षक राजवीर सिंह, ग्राम असदपुर के पूर्व प्रधान विक्रांत और गुन्नौर निवासी अधिवक्ता जय भारद्वाज को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया। अदालत ने सभी आरोपियों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया।

हेरफेर कर बदल दी गंगा भूमि की श्रेणी

जांच में सामने आया कि चकबंदी प्रक्रिया के दौरान गंगा की करीब 71.55 हेक्टेयर भूमि की श्रेणी बदलकर उसे कृषि योग्य भूमि के रूप में दर्ज कर दिया गया। नियमों के विपरीत इस भूमि का अलग-अलग समय में 162 लोगों के नाम पट्टा आवंटित कर दिया गया, जबकि गंगा किनारे की भूमि का आवंटन कानूनन प्रतिबंधित है।

पहले निरस्त हुए पट्टे, फिर दोबारा कर दिए आवंटन

लेखपाल स्वाति शर्मा की तहरीर के अनुसार वर्ष 2018 में मामला उजागर होने के बाद सभी पट्टे निरस्त कर दिए गए थे। इसके बावजूद 29 जून 2019 को तत्कालीन एसडीएम ओमवीर सिंह ने फिर से 162 लाभार्थियों के नाम भूमि आवंटित कर दी। बाद की जांच में 140 लाभार्थियों को 56.0820 हेक्टेयर भूमि आवंटित किए जाने की पुष्टि भी हुई।

निलंबन की कार्रवाई, कई और अधिकारी जांच के दायरे में

मामले में हाथरस के सहायक चकबंदी अधिकारी मनवीर सिंह, हरदोई में तैनात चकबंदीकर्ता भीमराव सिंह और गुन्नौर तहसील के राजस्व लेखपाल अमित को निलंबित कर दिया गया है। वहीं सुल्तानपुर में तैनात एसडीएम करम सिंह के निलंबन की संस्तुति शासन को भेजी गई है।

145 लाभार्थियों के नाम अब भी रिकॉर्ड में दर्ज

जांच में यह भी सामने आया कि वर्ष 2023 में 17 अपात्र लाभार्थियों के पट्टे निरस्त किए गए, लेकिन 145 लाभार्थियों के नाम अब भी राजस्व अभिलेखों में दर्ज हैं। प्रशासन अब सभी आवंटनों को निरस्त करने की प्रक्रिया में जुट गया है।

डीएम बोले- सभी गलत पट्टे होंगे निरस्त

संभल के जिलाधिकारी अंकित खंडेलवाल ने कहा कि गंगा किनारे की भूमि का आवंटन नियमों के विरुद्ध किया गया था। सभी पट्टाधारकों को नोटिस जारी किए जा चुके हैं और नियमों के अनुसार सभी अवैध आवंटन निरस्त किए जाएंगे।

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