बदायूं। कांवड़ यात्रा शुरू होने से पहले प्रशासन पूरी तरह एक्शन मोड में आ गया है। डीजे पर सख्त नियम, कांवड़ मार्ग पर मांस-अंडे की दुकानों पर रोक, भारी वाहनों की नो-एंट्री और ड्रोन से निगरानी समेत सुरक्षा का पूरा ब्लूप्रिंट तैयार कर लिया गया है। डीआईजी और कमिश्नर ने कछला गंगा घाट पहुंचकर तैयारियों का जायजा लिया।
डीआईजी अजय कुमार साहनी और कमिश्नर भूपेंद्र एस. चौधरी ने सोमवार को उझानी क्षेत्र स्थित कछला गंगा घाट का निरीक्षण कर श्रावण मास की कांवड़ यात्रा और आषाढ़ अमावस्या गंगा स्नान पर्व की तैयारियों की समीक्षा की। इस दौरान जिलाधिकारी अवनीश कुमार राय, एसएसपी अंकिता शर्मा समेत पुलिस, प्रशासन और अन्य विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने सुरक्षा व्यवस्था, भीड़ नियंत्रण, ट्रैफिक प्लान और जनसुविधाओं को लेकर संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। कांवड़ यात्रा में शामिल होने वाले डीजे की अधिकतम ऊंचाई 12 फीट और चौड़ाई 10 फीट तय की गई है। ध्वनि स्तर 75 डेसीबल से अधिक नहीं होगा। डीजे पर केवल धार्मिक और देशभक्ति गीत ही बजाए जाएंगे। भड़काऊ या आपत्तिजनक गीत बजाने पर कार्रवाई की जाएगी। सभी डीजे संचालकों से पहले ही बंधपत्र भरवाया जाएगा।
27 जुलाई से भारी वाहनों की नो-एंट्री
कांवड़ यात्रा शुरू होने से दो दिन पहले यानी 27 जुलाई से मुख्य कांवड़ मार्ग पर भारी वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा। कछला घाट से भमौरा, रामगंगा पुलिस चौकी और चौपला चौराहे तक विशेष ट्रैफिक व्यवस्था लागू रहेगी। मार्ग पर बैरिकेडिंग की जाएगी और आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति करने वाले वाहनों के लिए अलग रूट और समय तय किया जाएगा। पूरे कांवड़ मार्ग पर सीसीटीवी और आईपी कैमरे लगाए जाएंगे, जिनकी निगरानी पुलिस की कांवड़ सेल करेगी। ड्रोन कैमरों से भी भीड़ और यातायात पर नजर रखी जाएगी। घाटों पर किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए पीएसी, एसडीआरएफ, गोताखोर, नाव और लाइफ जैकेट की पर्याप्त व्यवस्था रहेगी। एंटी-सबोटाज चेकिंग भी लगातार कराई जाएगी।
महिला कांवड़ियों के लिए अलग सुविधाएं
कांवड़ शिविर सड़क से पर्याप्त दूरी पर लगाए जाएंगे। शिविरों में भोजन बनाने के लिए टीन शेड का उपयोग किया जाएगा और अग्निशमन यंत्र रखना अनिवार्य होगा। महिला कांवड़ियों के लिए अलग शौचालय और विश्राम कक्ष बनाए जाएंगे। दुर्घटना की स्थिति से निपटने के लिए अस्पतालों में बेड आरक्षित रहेंगे, जबकि मोटर बाइक एंबुलेंस और सर्पदंश के इलाज के लिए एंटी-वेनम की भी व्यवस्था रहेगी। कांवड़ मार्ग पर पड़ने वाली मांस और अंडे की दुकानें यात्रा अवधि के दौरान बंद रहेंगी। शराब की दुकानों को पर्दे या तिरपाल से ढका जाएगा। वहीं मार्ग पर स्थित ढाबों, रेस्टोरेंट और फूड कोर्ट में मांसाहारी भोजन तैयार या परोसा नहीं जाएगा और उसे रेट लिस्ट से भी हटाया जाएगा।
अफवाह फैलाने वालों पर रहेगी कड़ी नजर
सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वालों पर पुलिस की सोशल मीडिया सेल चौबीसों घंटे नजर रखेगी। ग्राम प्रधानों और पड़ोसी जिलों के अधिकारियों के साथ समन्वय बनाए रखने के लिए व्हाट्सएप ग्रुप सक्रिय किए जाएंगे, ताकि किसी भी सूचना का तत्काल आदान-प्रदान हो सके। निरीक्षण के दौरान डीआईजी अजय कुमार साहनी ने सभी विभागों को निर्देश दिए कि कांवड़ यात्रा शुरू होने से पहले सभी व्यवस्थाएं पूरी कर ली जाएं। सुरक्षा, यातायात, स्वास्थ्य और जनसुविधाओं से जुड़े इंतजामों में किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरती जाए, ताकि गंगा स्नान पर्व और कांवड़ यात्रा शांतिपूर्ण, सुरक्षित और व्यवस्थित ढंग से संपन्न हो सके।