बरेली। तालाब में कूदकर जान देने की कोशिश कर रहे एक युवक को बचाने के बाद वह पुलिस कस्टडी से फरार हो गया। युवक की तलाश में पूरी रात और दिनभर दो थानों की पुलिस जुटी रही। आखिरकार सोमवार शाम वह भमोरा सीएचसी की छत पर सोता हुआ मिला। इसके बाद पुलिस ने उसे सुरक्षित उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया। पुलिस के अनुसार युवक मानसिक रूप से बीमार है और पिछले दो वर्षों से उसका इलाज चल रहा है।
लखीमपुर खीरी के गोला निवासी श्यामकिशोर अपने माता-पिता के साथ मनौना धाम दर्शन के लिए आए थे। इसी दौरान वह अचानक लापता हो गए। रविवार देर रात डायल-112 को सूचना मिली कि एक युवक तालाब में कूदने का प्रयास कर रहा है। सूचना मिलते ही पीआरवी मौके पर पहुंची और युवक को सुरक्षित बचाकर आंवला थाने ले आई।
भमोरा सीएचसी ले जाते समय हुआ फरार
थाने में उसकी आमद दर्ज करने के बाद मेडिकल परीक्षण के लिए पहले आंवला सीएचसी ले जाया गया। पुलिस का कहना है कि उस समय वहां आवश्यक चिकित्सकीय स्टाफ उपलब्ध नहीं था। इसके बाद युवक को भमोरा सीएचसी ले जाया गया, जहां मौका पाकर वह पुलिस अभिरक्षा से फरार हो गया। युवक के फरार होने की सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। तत्काल वरिष्ठ अधिकारियों को सूचना दी गई और आंवला व भमोरा थाने की दो टीमों को उसकी तलाश में लगाया गया। दिनभर चले सर्च ऑपरेशन के बाद सोमवार शाम करीब सात बजे युवक भमोरा सीएचसी की छत पर सोता हुआ मिला। पुलिस उसे सुरक्षित नीचे लेकर आई और परिजनों को सौंप दिया।
दो साल से मानसिक अस्पताल में चल रहा उपचार
तलाश के दौरान पुलिस ने युवक के परिजनों से संपर्क किया। परिजनों ने बताया कि श्यामकिशोर पिछले दो वर्षों से मानसिक अस्पताल में उपचाराधीन है और कई बार बिना बताए घर से निकल जाता है। पुलिस का कहना है कि इसी कारण उसकी गतिविधियां सामान्य नहीं थीं। मामले के बाद यह सवाल भी उठने लगे कि यदि रात में मेडिकल की व्यवस्था रहती है तो आंवला सीएचसी पर पुलिस को स्टाफ क्यों नहीं मिला। इस पर सीएचसी के प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. विनय कुमार ने कहा कि अस्पताल में रात के समय स्टाफ तैनात रहता है और आपात स्थिति में मरीजों का उपचार किया जाता है। हालांकि पुलिस मेडिकल के लिए अस्पताल आई थी या नहीं, इसकी उन्हें जानकारी नहीं है।
एसपी साउथ का बयान
एसपी साउथ अंशिका वर्मा ने बताया कि तालाब में कूदने की सूचना पर पीआरवी युवक को थाने लाई थी। मेडिकल के दौरान वह फरार हो गया था, जिसकी तलाश में दो पुलिस टीमों को लगाया गया। युवक बाद में भमोरा सीएचसी की छत पर सुरक्षित मिला और उसे उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया। पुलिस के अनुसार युवक मानसिक रूप से बीमार है।