up newsथाने में मौजूद घायल वकील दंपती और अन्य अधिवक्ता

बरेली। बारादरी थाना क्षेत्र में गुरुवार सुबह पड़ोसी द्वारा वरिष्ठ अधिवक्ता दंपति पर धारदार हथियार से किए गए हमले से अधिवक्ता समाज में भारी आक्रोश फैल गया। हमले में वरिष्ठ अधिवक्ता उमंग रावत और उनकी पत्नी दीप्ति सक्सेना गंभीर रूप से घायल हो गए। दोनों को लहूलुहान हालत में निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। घटना की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में अधिवक्ता अस्पताल और फिर बारादरी थाने पहुंच गए। बार एसोसिएशन ने आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए अधिवक्ताओं की सुरक्षा पर गंभीर सवाल उठाए।

ग्रीन पार्क निवासी वरिष्ठ अधिवक्ता उमंग रावत ने बताया कि पड़ोसी रजत प्रकाश आर्या आए दिन अभद्र भाषा का प्रयोग करता था। इसी संबंध में शिकायत करने के लिए वह बुधवार को अपनी पत्नी दीप्ति सक्सेना के साथ उसके घर गए थे। आरोप है कि बातचीत के दौरान रजत ने धारदार हथियार से दोनों पर जानलेवा हमला कर दिया, जिससे पति-पत्नी गंभीर रूप से घायल हो गए।

माता-पिता ने भी नहीं रोका

उमंग रावत का आरोप है कि घटना के समय आरोपी के माता-पिता भी मौके पर मौजूद थे, लेकिन उन्होंने अपने बेटे को रोकने के बजाय उसका साथ दिया। हमले के बाद आसपास के लोगों की मदद से दोनों को निजी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका उपचार जारी है। घटना के बाद घायल दंपती और बार एसोसिएशन के पदाधिकारी बारादरी थाने पहुंचे। पुलिस को तहरीर देकर आरोपी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की गई। पुलिस ने तहरीर के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी है।

बार एसोसिएशन में रोष, सुरक्षा कानून की मांग तेज

घटना की जानकारी मिलते ही बरेली बार एसोसिएशन के अध्यक्ष मनोज हरित, सचिव दीपक पांडेय समेत बड़ी संख्या में अधिवक्ता अस्पताल पहुंचे और घायल दंपती का हालचाल जाना। दीप्ति सक्सेना बार एसोसिएशन की वरिष्ठ कार्यकारिणी सदस्य हैं, जबकि उमंग रावत बार के पूर्व ज्वाइंट सेक्रेटरी रह चुके हैं। बार अध्यक्ष मनोज हरित ने कहा कि अधिवक्ताओं पर लगातार हमले हो रहे हैं। लंबे समय से एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट लागू करने की मांग की जा रही है, लेकिन अब तक इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। उन्होंने आरोपियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की।

कई वरिष्ठ अधिवक्ता अस्पताल पहुंचे

घायल दंपति का हालचाल जानने वालों में पूर्व सचिव ललित कुमार सिंह, तरुण जोशी, विवेक शर्मा, अंतरिक्ष सक्सेना, मोहम्मद दारा, गुरप्रीत कौर समेत बड़ी संख्या में अधिवक्ता शामिल रहे। घटना को लेकर अधिवक्ताओं में गहरा रोष व्याप्त है और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग लगातार उठ रही है।

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