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मथुरा। वृंदावन में हर रात हजारों भक्तों की आस्था का केंद्र बन चुकी संत प्रेमानंद महाराज की प्रसिद्ध पदयात्रा अब फिलहाल नहीं निकलेगी। केली कुंज आश्रम की ओर से जारी सूचना में बताया गया है कि महाराज की प्रातःकालीन पदयात्रा, एकांतिक वार्तालाप और दर्शन को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया है। इस खबर के सामने आते ही भक्तों में मायूसी फैल गई, क्योंकि रोजाना रात 3 बजे शुरू होने वाली यह पदयात्रा भक्तों के लिए आध्यात्मिक आकर्षण का बड़ा केंद्र बन चुकी थी।

रात 3 बजे शुरू होती थी पदयात्रा, उमड़ रही थी भारी भीड़

संत प्रेमानंद महाराज इन दिनों वृंदावन स्थित केली कुंज आश्रम से सौभरी कुंड तक पदयात्रा कर रहे थे। करीब डेढ़ किलोमीटर लंबी इस यात्रा में शामिल होने के लिए दूर-दूर से श्रद्धालु रात में ही पहुंच जाते थे। भक्तों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही थी और कई बार हालात ऐसे बन रहे थे कि रास्तों पर पैर रखने तक की जगह नहीं बच रही थी। शनिवार को स्थिति सबसे ज्यादा चुनौतीपूर्ण बताई गई। आश्रम से लेकर सौभरी वन तक श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। सेवादारों को व्यवस्था संभालने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। इसी के बाद यात्रा रोकने का फैसला लिया गया माना जा रहा है।

आश्रम का पोस्टर वायरल, दर्शन भी बंद

आश्रम की ओर से सोशल मीडिया पर एक सूचना पोस्टर जारी किया गया। इसमें लिखा गया कि पूज्य महाराज श्री की आज्ञा अनुसार सौभरी कुंड तक होने वाली पदयात्रा, एकांतिक वार्तालाप और एकांतिक दर्शन अगले आदेश तक स्थगित रहेंगे। हालांकि आश्रम ने कोई विस्तृत आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है। सूत्रों का कहना है कि अधिक मास के दौरान वृंदावन में श्रद्धालुओं की संख्या कई गुना बढ़ जाती है। परिक्रमा मार्ग और धार्मिक स्थलों पर भारी भीड़ जुटने की संभावना को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है, ताकि किसी तरह की अव्यवस्था या हादसे की स्थिति न बने।

भक्तों में निराशा, लेकिन फैसले का कर रहे सम्मान

पदयात्रा रुकने की खबर से भक्त भावुक नजर आए। कई श्रद्धालुओं ने कहा कि महाराज की झलक पाने के लिए वे रातभर इंतजार करते थे। हालांकि अधिकांश भक्तों ने इसे सुरक्षा और व्यवस्था के लिहाज से सही फैसला बताया। भक्तों का कहना है कि जब भी पदयात्रा दोबारा शुरू होगी, वे पहले से ज्यादा उत्साह के साथ शामिल होंगे। फिलहाल आश्रम प्रशासन ने सभी श्रद्धालुओं से शांति बनाए रखने और जारी सूचना का पालन करने की अपील की है।

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