प्रयागराज। यूपी बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा 2026 को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। प्रदेश के कई जिलों में दो-दो उत्तर पुस्तिकाओं पर एक ही रोल नंबर मिलने से शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए बोर्ड ने 94 से अधिक छात्रों का रिजल्ट रोक दिया है और जांच शुरू कर दी गई है।
32 जिलों में मिली गड़बड़ी, बोर्ड ने मांगी रिपोर्ट
जानकारी के मुताबिक बलिया, गाजीपुर, मिर्जापुर, प्रतापगढ़, आगरा, आजमगढ़, मैनपुरी समेत 32 जिलों में यह गड़बड़ी सामने आई है। बोर्ड ने सभी क्षेत्रीय कार्यालयों से 30 मई तक विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। अधिकारियों का कहना है कि एक ही अनुक्रमांक की दो उत्तर पुस्तिकाएं मिलने से कॉपियों की अदला-बदली या परीक्षा प्रक्रिया में गंभीर लापरवाही की आशंका जताई जा रही है।
हाईटेक व्यवस्था के बावजूद कैसे हुई चूक?
इस बार यूपी बोर्ड ने परीक्षा को नकलविहीन और पारदर्शी बनाने के लिए कई हाईटेक इंतजाम किए थे। वाराणसी, प्रयागराज, बरेली, मेरठ और गोरखपुर के मूल्यांकन केंद्रों से सीधे ऑनलाइन अंक अपलोड किए गए थे। प्रश्नपत्रों पर गोपनीय न्यूमैरिक कोड भी अंकित किए गए थे ताकि गड़बड़ी होने पर संबंधित केंद्र की पहचान की जा सके। संवेदनशील जिलों में विशेष निगरानी और एसटीएफ की तैनाती भी की गई थी। इसके बावजूद इतनी बड़ी संख्या में एक जैसे रोल नंबर मिलना बोर्ड की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रहा है।
बरेली, शाहजहांपुर और मुरादाबाद भी जांच के घेरे में
गड़बड़ी के मामले बरेली, शाहजहांपुर और मुरादाबाद मंडल तक पहुंच गए हैं। वहीं देवरिया में सबसे ज्यादा मामले सामने आने की बात कही जा रही है। हाईस्कूल स्तर पर प्रतापगढ़, प्रयागराज, सीतापुर और महोबा में मामले मिले हैं, जबकि इंटरमीडिएट में प्रतापगढ़, इटावा, हरदोई और प्रयागराज के केंद्र जांच के घेरे में हैं।
दोषियों पर होगी सख्त कार्रवाई
यूपी बोर्ड अधिकारियों ने साफ किया है कि जांच में दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। जिन परीक्षा केंद्रों पर लापरवाही या गड़बड़ी साबित होगी, उन्हें ब्लैकलिस्ट या डीबार भी किया जा सकता है। शिक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि अगर समय रहते जांच पूरी नहीं हुई तो हजारों छात्रों का भविष्य प्रभावित हो सकता है।