महोबा। उत्तर प्रदेश के महोबा जिले में भाजपा की पूर्व जिला मंत्री दीपाली तिवारी ने पार्टी के कुछ पदाधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाकर राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है। सोशल मीडिया पर जारी एक वीडियो में उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें मतदाता सूची से मुस्लिम और यादव समाज के लोगों के नाम कटवाने का दबाव बनाया गया। साथ ही समझौता नहीं करने पर पति को जेल भेजने और बच्चों का भविष्य बर्बाद करने की धमकी दिए जाने का भी दावा किया। इन आरोपों पर भाजपा जिलाध्यक्ष मोहनलाल कुशवाहा ने टिप्पणी करने से इनकार किया है।
दीपाली तिवारी ने कहा कि कुछ महीने पहले उनकी ड्यूटी मतदाता सूची के पुनरीक्षण कार्य में लगाई गई थी। उनके अनुसार, पार्टी कार्यकर्ताओं ने उन्हें फॉर्म-7 देकर मुस्लिम और कुछ यादव समाज के लोगों के नाम मतदाता सूची से हटवाने के लिए कहा। उन्होंने दावा किया कि जब वह संबंधित बीएलओ के पास पहुंचीं तो बीएलओ ने कहा कि जिन लोगों के नाम हटाने की बात कही जा रही है, वे लंबे समय से महोबा के निवासी हैं और उनके नाम काटना उचित नहीं होगा।
विरोध के बाद षड्यंत्र रचने का लगाया आरोप
पूर्व भाजपा नेत्री का आरोप है कि उन्होंने इस काम का विरोध करते हुए जिलाध्यक्ष और अन्य जनप्रतिनिधियों से कहा कि किसी नागरिक का मतदान अधिकार छीनना गलत है। उनके मुताबिक जवाब मिला कि यह शीर्ष नेतृत्व के निर्देश पर किया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि विरोध करने के बाद उनके खिलाफ षड्यंत्र रचा गया और उन्हें संगठन में निशाना बनाया गया।
समझौते के लिए दबाव और धमकी का दावा
दीपाली तिवारी ने आरोप लगाया कि मामले में समझौता न करने पर उनके पति को जेल भेजने और बच्चों का भविष्य खराब करने की धमकी दी गई। उनका कहना है कि बाद में उन पर दबाव बनाकर जिलाध्यक्ष से समझौता कराया गया। उन्होंने यह भी दावा किया कि समझौते को लेकर उन पर लगाए जा रहे आरोप गलत हैं और मामले को खत्म कराने में अन्य लोगों ने धन लिया।
केशव प्रसाद मौर्य को दी राजनीतिक चुनौती
वीडियो में दीपाली तिवारी ने उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य का नाम लेते हुए कहा कि यदि संविधान और लोकतंत्र में विश्वास रखने वाले लोग उनका साथ देंगे तो वह उनके राजनीतिक “स्टूल में अंतिम कील” ठोकने का काम करेंगी। उन्होंने कहा कि वह सिराथू की बेटी हैं और उनके बाबा स्वर्गीय मंगला प्रसाद तिवारी सिराथू से तीन बार विधायक रहे थे।
पहले भी सामने आ चुका है विवाद
गौरतलब है कि अप्रैल माह में भी दीपाली तिवारी ने भाजपा जिलाध्यक्ष मोहनलाल कुशवाहा पर गंभीर आरोप लगाए थे। उस समय क्षेत्रीय नेतृत्व के निर्देश पर गठित जांच टीम ने दोनों पक्षों के बीच सुलह कराई थी। बाद में जिला कार्यसमिति में अपेक्षित पद न मिलने पर दीपाली तिवारी ने पार्टी और पद से इस्तीफा दे दिया था, जिसे स्वीकार कर लिया गया।