बदायूं। सड़क पर अचानक आई गाय की स्कॉर्पियो से टक्कर के बाद शुरू हुआ विवाद मारपीट, तोड़फोड़ और फिर थाने पर धरने तक पहुंच गया। सरकारी अस्पताल के डॉक्टर राहुल सिद्धार्थ ने भीड़ पर घेरकर पीटने और कार पलटकर जानलेवा हमला करने की कोशिश का आरोप लगाया है। पुलिस ने मामले में सात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। वहीं कार्रवाई के विरोध में बजरंग दल कार्यकर्ताओं ने अलापुर थाने के गेट पर धरना देकर डॉक्टर के आरोपों को गलत बताया।
ड्यूटी पर लौट रहे थे डॉक्टर, रास्ते में स्कॉर्पियो से टकराई गाय
डॉ. राहुल सिद्धार्थ प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में तैनात रहे हैं और करीब दो महीने से मेडिकल लीव पर थे। मंगलवार को वह स्कॉर्पियो से ड्यूटी पर लौट रहे थे। बिचपुरी गांव के पास अचानक एक गाय सड़क पर आ गई। स्कॉर्पियो की टक्कर लगने से गाय की मौत हो गई और वह वाहन के नीचे फंस गई। हादसा होते ही आसपास के ग्रामीण मौके पर जमा हो गए। देखते ही देखते मामला गरमा गया और डॉक्टर व ग्रामीणों के बीच विवाद शुरू हो गया।
डॉक्टर का आरोप- घेरकर पीटा, शीशे तोड़े और कार पलटने की कोशिश
डॉ. राहुल सिद्धार्थ का आरोप है कि हादसे के बाद धर्मेंद्र, निखिल, केशर सिंह, रामसेवक, धर्मपाल, शेखर समेत अन्य लोगों ने उन्हें घेर लिया और मारपीट शुरू कर दी। आरोपियों ने उनकी स्कॉर्पियो में तोड़फोड़ कर शीशे तोड़ दिए। डॉक्टर ने कार पलटकर जानलेवा हमला करने की कोशिश का भी आरोप लगाया। शिकायत मिलने के बाद अलापुर पुलिस ने सात आरोपियों के खिलाफ जानलेवा हमला और तोड़फोड़ समेत संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी।
चार पकड़े, शांतिभंग में किया चालान
पुलिस ने कार्रवाई करते हुए शेखर, धर्मेंद्र उर्फ नेत्रपाल, धर्मेंद्र और धर्मपाल को पकड़ लिया। चारों का शांतिभंग में चालान किया गया। पुलिस की इस कार्रवाई की जानकारी मिलते ही मामला और गरमा गया।
बजरंग दल ने घेरा थाना, बोला- कार पलटी नहीं, गाय बचाने के लिए उठाई थी
बुधवार दोपहर बजरंग दल के कार्यकर्ता अलापुर थाने पहुंच गए और गेट पर धरना शुरू कर दिया। कार्यकर्ताओं का दावा है कि गाय स्कॉर्पियो के नीचे फंसी हुई थी और उसे निकालने के लिए ग्रामीणों ने वाहन को उठाया था, न कि डॉक्टर की हत्या के इरादे से कार पलटने की कोशिश की थी। कार्यकर्ताओं ने डॉक्टर के आरोपों को गलत बताते हुए निष्पक्ष जांच और दर्ज मुकदमे में उचित कार्रवाई की मांग की।
डॉक्टर पर भी लगाए आरोप, अब पुलिस के सामने दो अलग-अलग दावे
प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि हादसे के बाद डॉक्टर वाहन से नीचे नहीं उतरे। उन्होंने स्कॉर्पियो में शराब की बोतलें होने और डॉक्टर के नशे में होने का भी आरोप लगाया है। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। अब पुलिस के सामने घटना को लेकर दो अलग-अलग पक्ष हैं। एक तरफ डॉक्टर ने भीड़ पर मारपीट, तोड़फोड़ और जानलेवा हमले का आरोप लगाया है, जबकि दूसरी तरफ प्रदर्शनकारी कार पलटने के आरोप को नकार रहे हैं। पुलिस दर्ज प्राथमिकी के आधार पर घटना की जांच कर रही है।