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बाराबंकी। उत्तर प्रदेश में सामने आए RSS कार्यालय जासूसी मामले ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है। ATS की जांच में बाराबंकी निवासी दानियाल अशरफ और कुशीनगर के कृष्णा मिश्रा की गिरफ्तारी के बाद कई चौंकाने वाले इनपुट सामने आए हैं। जांच एजेंसियों को आशंका है कि यह मामला सिर्फ दो आरोपियों तक सीमित नहीं, बल्कि एक बड़े संदिग्ध नेटवर्क से जुड़ा हो सकता है, जिसकी पहुंच कई जिलों और राज्यों तक फैली हुई थी।

संवेदनशील स्थानों की रेकी का आरोप

ATS सूत्रों के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों ने पंजाब समेत कई इलाकों में RSS कार्यालयों, पुलिस थानों और अन्य संवेदनशील स्थानों की कथित रेकी की थी। जांच में मोबाइल फोन और डिजिटल डिवाइस से फोटो, वीडियो और ऑनलाइन चैट से जुड़े इनपुट मिलने की बात कही जा रही है। एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि इन जानकारियों का इस्तेमाल किस उद्देश्य से किया जाना था।

ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से जुड़े संदिग्ध संपर्क

पूछताछ में यह भी सामने आया है कि आरोपी इंटरनेट और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए विदेश में बैठे संदिग्ध लोगों के संपर्क में थे। ATS के अनुसार, डिजिटल माध्यमों से कट्टरपंथी सामग्री और हिंसक गतिविधियों से जुड़ी ट्रेनिंग लेने की आशंका की भी जांच की जा रही है। एजेंसी को कई चैट रिकॉर्ड और ऑनलाइन गतिविधियों से जुड़े सुराग मिले हैं, जिनकी फॉरेंसिक जांच जारी है।

पाकिस्तानी हैंडलर्स से संपर्क की जांच

जांच एजेंसियों का दावा है कि आरोपी इंटरनेट मीडिया के जरिए पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी और ISI से जुड़े संदिग्ध एजेंटों के संपर्क में आए थे। ATS अब कॉल डिटेल्स, चैट रिकॉर्ड और सोशल मीडिया गतिविधियों की जांच कर रही है। एजेंसी यह भी पता लगाने में जुटी है कि इस नेटवर्क से और कौन-कौन लोग जुड़े हुए थे।

पूछताछ में सामने आए कई नाम

ATS के मुताबिक, दोनों आरोपियों से पूछताछ के दौरान कई अन्य युवकों के नाम सामने आए हैं। इसके बाद सुरक्षा एजेंसियों ने संदिग्ध लोगों की निगरानी शुरू कर दी है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में इस मामले में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।

कई राज्यों तक बढ़ाई गई जांच

ATS ने दोनों आरोपियों को 6 मई को गिरफ्तार किया था। फिलहाल पुलिस कस्टडी रिमांड में उनसे लगातार पूछताछ की जा रही है। एजेंसियां अब इस पूरे मामले को राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी गंभीर जांच के रूप में देख रही हैं और कई राज्यों की सुरक्षा एजेंसियों से भी समन्वय किया जा रहा है।

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