बरेली। एसएपी अनुराग आर्य ने गूगल मीट पर चल रही डेली समीक्षा बैठक के दौरान ही एक चौकी प्रभारी को हिस्ट्रीशीटर अपराधी की निगरानी में लापरवाही, अपराध नियंत्रण में कमजोर प्रदर्शन और विवेचनाओं के निस्तारण में सुस्ती को लेकर तत्काल प्रभाव से निलंबित कर विभागीय जांच के आदेश दे दिए। कार्रवाई की खबर मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया।
सोमवार रात आठ बजे आयोजित ऑनलाइन समीक्षा बैठक में एसएसपी अनुराग आर्य जिले के सभी पुलिस अधीक्षकों, क्षेत्राधिकारियों और थाना प्रभारियों के साथ कानून-व्यवस्था व अपराध नियंत्रण की समीक्षा कर रहे थे। इसी दौरान थाना सुभाषनगर की करगैना चौकी के प्रभारी उपनिरीक्षक राजेन्द्र सिंह सिरोही के कार्यों की समीक्षा में गंभीर कमियां उजागर हुईं।
कई और इंस्पेक्टर और चौकी इंचार्ज भी रडार पर
समीक्षा में सामने आया कि बारादरी क्षेत्र में चलती बाइक से मोबाइल और पर्स छीनने के मामले में गिरफ्तार अजय साहू का नाम बाद में इज्जतनगर क्षेत्र की एक अन्य छिनैती घटना में भी प्रकाश में आया। जांच में पता चला कि अजय साहू थाना सुभाषनगर का हिस्ट्रीशीटर है और उसके विरुद्ध हिस्ट्रीशीट संचालित है। इसके बावजूद उसकी नियमित निगरानी नहीं की गई और यक्ष एप के एसओपी के अनुसार आवश्यक कार्रवाई भी नहीं की गई। एसएसपी ने कुछ इंस्पेक्टर और चौकी इंचार्ज को स्पेशल रडार पर लिया है। पिछले काफी दिनों से उनकी शिकायतें आ रही थी। ऐसे चौकी इंचार्ज और इंस्पेक्टर अब चार्ज पर नहीं रहेंगे और उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
विवेचनाओं में मिली लापरवाही
एसएसपी की समीक्षा में यह भी सामने आया कि अप्रैल माह में आवंटित 35 विवेचनाओं में से केवल 11 का ही निस्तारण किया गया। इसके अलावा आयुध अधिनियम, जुआ अधिनियम, वाहन सीजर, 110G और 34 पुलिस अधिनियम के तहत भी कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। अपराध नियंत्रण और निरोधात्मक कार्रवाई के मोर्चे पर भी प्रदर्शन बेहद कमजोर पाया गया। गूगल मीट के दौरान हुई यह कार्रवाई पूरे पुलिस विभाग के लिए बड़ा संदेश मानी जा रही है। एसएसपी ने साफ कर दिया है कि अपराधियों की निगरानी, विवेचनाओं का समयबद्ध निस्तारण और कानून-व्यवस्था के मामलों में किसी भी स्तर की लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी।