बरेली। भोजीपुरा क्षेत्र में आम के बाग के भीतर मुर्गों की खूनी लड़ाई पर हजारों रुपये की बाजी लगाकर जुआ खेलने का खेल चल रहा था। हार-जीत पर दांव लग रहे थे और मुर्गों को भिड़ाकर पैसा कमाने का धंधा जमकर फल-फूल रहा था। सूचना मिलते ही पुलिस ने छापा मार दिया। भगदड़ मच गई, लेकिन छह जुआरी पुलिस के हत्थे चढ़ गए, जबकि खेल का कथित संचालक राजा समेत कई लोग अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गए।
पुलिस के मुताबिक गांव सैदपुर प्यारेलाल के आगे स्थित एक आम के बाग में लंबे समय से मुर्गों की लड़ाई कराकर सट्टेबाजी कराई जा रही थी। रविवार को भी कई लोग वहां जमा होकर लड़ाकू मुर्गों की भिड़ंत पर रुपये दांव पर लगा रहे थे। जैसे-जैसे लड़ाई तेज होती, वैसे-वैसे रकम भी बढ़ती जा रही थी। इसी बीच पुलिस टीम ने मौके पर दबिश दे दी। छापेमारी के दौरान जुआरियों में अफरा-तफरी मच गई। कई लोग खेतों और बागों की तरफ भाग निकले, लेकिन पुलिस ने छह आरोपियों को घेराबंदी कर पकड़ लिया। गिरफ्तार आरोपियों में मकसूद खां निवासी टिगरी, अख्तर खां निवासी डहिया, साजिद निवासी शेरगढ़, पप्पू मौर्य निवासी कर्मचारी नगर, तेजपाल निवासी मुड़िया चौधरी और भुलईया निवासी सनौआ शामिल हैं।
सात लड़ाकू मुर्गे और नकदी बरामद
पुलिस ने मौके से सात लड़ाकू मुर्गे और 2910 रुपये नकद बरामद किए। बरामद मुर्गों का इस्तेमाल लड़ाई कराने और उन पर बाजी लगवाने में किया जा रहा था। पुलिस ने सभी मुर्गों को कब्जे में लेकर कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है। पूछताछ में पकड़े गए आरोपियों ने बताया कि गांव सैदपुर प्यारेलाल निवासी राजा इस पूरे खेल का मुख्य संचालक है। वही मुर्गों की लड़ाई आयोजित कराता था और लोगों से दांव लगवाता था। पुलिस की दबिश पड़ते ही वह मौके से फरार हो गया। अब पुलिस उसकी तलाश में दबिश दे रही है।
एक आरोपी पहले भी जा चुका है जेल की राह
जांच में सामने आया कि गिरफ्तार आरोपी साजिद का आपराधिक रिकॉर्ड भी है। उसके खिलाफ पहले से मारपीट, गाली-गलौज और धमकी देने का मुकदमा दर्ज है। पुलिस अब उसके पुराने रिकॉर्ड की भी पड़ताल कर रही है। भोजीपुरा पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ जुआ अधिनियम और पशु क्रूरता निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है।