बरेली। शहर के बिहारीपुर मेमरान इलाके में जर्जर मकानों ने आसपास रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ा दी है। नगर निगम की जांच में कई भवन गिरताऊ हालत में मिले हैं। इनमें एक भवन की स्थिति बेहद खराब बताई गई है, जिसके आसपास महज तीन फीट चौड़ी गली में करीब आठ अन्य मकान बने हैं। निगम का कहना है कि जर्जर भवन गिरने की स्थिति में आसपास के मकानों को नुकसान पहुंचने के साथ जनहानि का भी खतरा है। नगर निगम ने 13 भवन स्वामियों को नोटिस जारी किए हैं।
पार्षद ने दी सूचना, निरीक्षण के बाद कराई बैरिकेडिंग
वार्ड संख्या एक बिहारीपुर मेमरान के पार्षद ने नगर निगम को इलाके में तीन मकानों के गिरताऊ हालत में होने की जानकारी दी थी। इसके बाद विभागीय टीम ने मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया। खतरे को देखते हुए तत्काल बैरिकेडिंग कराई गई और संबंधित भवनों को खाली कराने की कार्रवाई शुरू की गई। नगर निगम ने आठ सितंबर को नगर निगम अधिनियम की धारा 331(1) के तहत 13 भवन स्वामियों को नोटिस जारी किए। इनमें निरंजन, दिलीप, छोटेलाल, मदनलाल, नंद किशोर, राजीव दयाल, भगवान दास, अजय सिंह चौहान, दिनेश कश्यप, लक्की मौर्या, विनय, अमन बाबू और आशा रानी शामिल हैं। नगर निगम के मुताबिक मौके पर एक भवन बेहद जर्जर हालत में है। इसके आसपास करीब आठ भवन केवल तीन फीट चौड़ी गली में स्थित हैं। ऐसे में जर्जर भवन का कोई हिस्सा गिरने पर आसपास के मकानों को भी नुकसान पहुंच सकता है। निगम ने जनहानि की आशंका जताते हुए भवन को गिराया जाना जरूरी बताया है।
निगम की टीम तोड़ने पहुंची तो भवन स्वामियों ने किया विरोध
शुक्रवार 11 सितंबर को नगर निगम की तकनीकी टीम दोबारा मौके पर पहुंची। प्रेस विज्ञप्ति के मुताबिक कुछ भवन स्वामियों ने निगम की कार्रवाई का विरोध करते हुए कहा कि वे अपने भवन स्वयं तुड़वा या उनकी मरम्मत करा लेंगे। विनय कश्यप और अजय सिंह चौहान ने नगर निगम को शपथपत्र देकर कहा कि वे भवन की मरम्मत स्वयं कराएंगे और किसी दुर्घटना की स्थिति में जिम्मेदारी उनकी होगी। नगर निगम की विज्ञप्ति के अनुसार आशा रानी ने अपना भवन स्वयं तोड़ने से इनकार कर दिया। साथ ही निगम की टीम को भी भवन तोड़ने नहीं देने की बात कही और कोई शपथपत्र भी नहीं दिया। इसके बाद नगर निगम ने संबंधित भवन स्वामियों को जर्जर भवन स्वयं तुड़वाने के निर्देश दिए हैं। निगम ने स्पष्ट किया है कि निर्देशों के बावजूद भवन नहीं हटाए गए और कोई अप्रिय घटना होती है तो उसकी जिम्मेदारी संबंधित भवन स्वामियों की होगी।