बरेली। बिथरी चैनपुर थाना क्षेत्र में छेड़छाड़ की शिकायत पर थाने लाए गए एक युवक के गंभीर रूप से घायल होने का मामला तूल पकड़ गया है। युवक की मां ने आरोप लगाया है कि पुलिसकर्मियों ने थाने में उसके बेटे की बेरहमी से पिटाई की, जिससे उसका हाथ बुरी तरह जख्मी हो गया। हालत गंभीर होने पर उसे श्री राममूर्ति स्मारक मेडिकल कॉलेज (एसआरएमएस) में भर्ती कराया गया, जहां उसका ऑपरेशन किया गया। परिजनों का दावा है कि डॉक्टरों ने हाथ काटने तक की बात कही थी, लेकिन उन्होंने इसकी अनुमति नहीं दी। फिलहाल युवक का इलाज जारी है।
मां बोलीं- थाने में पीटा, खून से भर गया कटोरा
घायल युवक की मां लज्जावती के अनुसार उनका बेटा अनिल ऑनलाइन काम करता है। शुक्रवार शाम वह घर लौट रहा था। रास्ते में गांव की एक महिला से उसने घर छोड़ने के बारे में पूछा, जिस पर विवाद हो गया। आरोप है कि रात करीब आठ बजे महिला उनके घर पहुंची और गाली-गलौज करने लगी। विरोध होने पर उसने डायल-112 पर सूचना दे दी। सूचना मिलने पर पीआरवी अनिल को थाने ले गई। परिजनों का कहना है कि जब वे थाने पहुंचे तो पुलिस ने पहले अनिल को लाने से ही इनकार कर दिया और सुबह आने की बात कहकर उन्हें वहां से हटाने की कोशिश की। बाद में पता चला कि अनिल गंभीर रूप से घायल है और उसे एसआरएमएस अस्पताल में भर्ती कराया गया है। अस्पताल पहुंचने पर बेटे की हालत देखकर परिवार के होश उड़ गए। मां का आरोप है कि इतना खून बह रहा था कि हाथ के नीचे रखा कटोरा भी खून से भर गया।
शीशा तोड़ने से लगी चोट, घटना के दौरान दर्ज हुई एफआईआर
पुलिस ने रात 8:16 बजे अनिल के खिलाफ छेड़छाड़ के आरोप में मुकदमा दर्ज कर लिया। परिजनों का कहना है कि जिन धाराओं में मुकदमा दर्ज हुआ, उनमें तत्काल जेल भेजने का प्रावधान नहीं था। ऐसे में थाने में उससे कथित मारपीट और पूछताछ किए जाने पर सवाल उठ रहे हैं। मामले में पुलिस ने मारपीट के आरोपों से इनकार किया है। एसपी उत्तरी मुकेश मिश्र ने बताया कि छेड़छाड़ की सूचना पर पुलिस अनिल को थाने लेकर आई थी। उस समय वह शराब के नशे में था और थाने पहुंचने के बाद पुलिसकर्मियों से उलझने लगा। इसी दौरान उसने सीसीटीएनएस कक्ष के दरवाजे पर हाथ मार दिया, जिससे दरवाजे का शीशा टूट गया और उसके हाथ में गंभीर चोट लग गई। पुलिस का कहना है कि घायल युवक का इलाज कराया जा रहा है।