बरेली। कैंट बोर्ड की महिलाओं और बेटियों के लिए खुशखबरी है। अब उन्हें सिर्फ योग और स्वास्थ्य जागरूकता से ही नहीं, बल्कि आत्मनिर्भर बनने का मौका भी मिलेगा। बरेली कैंट बोर्ड ने एक ओर अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर बड़े स्तर पर योग कार्यक्रमों की तैयारी की है, तो दूसरी ओर महिलाओं को हुनरमंद बनाकर रोजगार से जोड़ने के लिए नारी स्किल सेंटर की शुरुआत की है। यह पहल आने वाले समय में हजारों महिलाओं और युवतियों की जिंदगी बदलने में अहम भूमिका निभाएगी।
कैंट बोर्ड की सीईओ डॉ. तनु जैन ने बताया कि कैंट बालिका विद्यालय में स्थापित नारी स्किल सेंटर महिलाओं को कौशल विकास, स्वरोजगार और आत्मनिर्भरता की दिशा में प्रशिक्षित करेगा। यहां सिलाई, कढ़ाई, हस्तशिल्प समेत कई रोजगारपरक गतिविधियों का प्रशिक्षण दिया जाएगा। उद्देश्य यह है कि महिलाएं अपने हुनर को पहचानें, उसे निखारें और आर्थिक रूप से मजबूत बन सकें। नारी स्किल सेंटर के माध्यम से महिलाओं को ऐसे कौशल सिखाए जाएंगे, जिनकी मदद से वे घर बैठे भी रोजगार के अवसर तलाश सकेंगी। इससे न केवल उनकी आय बढ़ेगी, बल्कि आत्मविश्वास और सामाजिक भागीदारी भी मजबूत होगी। छावनी परिषद का मानना है कि आत्मनिर्भर महिला ही सशक्त परिवार और सशक्त समाज की नींव होती है।
योग से सेहत, ध्यान से संतुलन का संदेश
महिला सशक्तिकरण के साथ-साथ कैंट बोर्ड अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर भी विशेष कार्यक्रम आयोजित करने जा रहा है। 21 जून को मेजर ध्यानचंद स्टेडियम में 108 सूर्य नमस्कार चैलेंज और सामूहिक योग प्रोटोकॉल सत्र होगा। इसके अलावा कारगिल हॉल में आध्यात्मिक प्रवचन और शाम को धोपा मंदिर परिसर में चंद्र नमस्कार कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। वहीं इस वर्ष योग दिवस की थीम योग फॉर हेल्दी एजिंग रखी गई है। कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों को बताया जाएगा कि योग, ध्यान और संतुलित जीवनशैली बढ़ती उम्र में भी शरीर और मन को स्वस्थ, सक्रिय और ऊर्जावान बनाए रखने में कितनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
डॉ. तनु जैन की परिकल्पना को मिला आकार
नारी स्किल सेंटर और योग दिवस के इन विशेष आयोजनों की परिकल्पना एवं क्रियान्वयन कैंट बोर्ड की सीईओ डॉ. तनु जैन के नेतृत्व में किया गया है। उनका मानना है कि स्वास्थ्य और आत्मनिर्भरता, दोनों ही विकसित भारत की मजबूत नींव हैं। छावनी परिषद की यह दोहरी पहल एक साथ दो बड़े लक्ष्यों को साधने का प्रयास है। एक ओर योग के माध्यम से लोगों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया जाएगा, वहीं दूसरी ओर महिलाओं को हुनरमंद बनाकर आर्थिक रूप से सशक्त किया जाएगा। यही वजह है कि यह पहल क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है और इससे हजारों बहन-बेटियों को नई उम्मीद मिली है।