बरेली। शादी से पहले खुद को आईएएस अफसर बताकर रुतबा दिखाया, सोशल मीडिया पर फर्जी तस्वीरों से भरोसा जीता और दुल्हन बनकर ससुराल पहुंच गई। लेकिन शादी के बाद जब 20 बीघा जमीन बेचने का दबाव और 40 लाख रुपये की डिमांड सामने आई तो पूरे खेल का पर्दाफाश हो गया। फरीदपुर पुलिस ने इस फर्जीवाड़े में आरोपी महिला को गिरफ्तार कर लिया है।

फरीदपुर थाना क्षेत्र के गांव पचौमी निवासी अभिषेक ने 27 जून को पुलिस में दर्ज कराई शिकायत में आरोप लगाया था कि बदायूं के बिलसी थाना क्षेत्र के गांव सतेती निवासी साधना, उसके पिता नरेन्द्र पाल सिंह, भाई सूर्य प्रताप और अन्य परिजनों ने साधना को आईएएस अधिकारी बताकर उससे शादी करा दी। शादी से पहले सोशल मीडिया पर भी साधना खुद को आईएएस अधिकारी बताने वाले फोटो और वीडियो पोस्ट करती रही, जिससे पूरा परिवार उसके झांसे में आ गया।

विवाद के बाद 40 लाख रुपये की मांग का आरोप

पीड़ित का आरोप है कि शादी के कुछ समय बाद ही दोनों के बीच विवाद शुरू हो गया। इसके बाद साधना ने कथित तौर पर 20 बीघा जमीन बेचकर बदायूं में अस्पताल खुलवाने का दबाव बनाया। जब परिवार ने इनकार किया तो 40 लाख रुपये की मांग करते हुए गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी गई। इसके बाद फरीदपुर थाने में भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं और आईटी एक्ट की धारा 66-डी के तहत मुकदमा दर्ज किया गया।

पूछताछ में फर्जी पोस्ट डालने की बात स्वीकार करने का दावा

मामले की जांच के दौरान फरीदपुर पुलिस ने सोमवार सुबह करीब 6:30 बजे आरोपी साधना को उसके घर से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने पूछताछ के बाद उसे न्यायालय में पेश किया, जहां से आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है। पूछताछ में साधना ने बताया कि उसने बीएससी की पढ़ाई की है और सरकारी नौकरी की तैयारी कर रही है। उसके पिता किसान हैं। पुलिस का दावा है कि आरोपी ने स्वीकार किया कि उसने फेसबुक पर खुद को आईएएस अधिकारी साबित करने के लिए फर्जी फोटो और वीडियो पोस्ट किए थे, ताकि लोग उसे अधिकारी समझें और उसी आधार पर शादी तय हो सके।

पति का गला दबाने और जमीन बेचने का भी आरोप

पुलिस के मुताबिक पूछताछ में आरोपी ने यह भी बताया कि पति से विवाद के दौरान उसने गुस्से में उसका गला दबा दिया था। साथ ही पति की 20 बीघा जमीन बेचकर बदायूं में अस्पताल खोलने की बात कही थी। विवाद बढ़ने पर कथित रूप से 40 लाख रुपये की मांग भी की गई। फरीदपुर इंस्पेक्टर राधेश्याम का कहना है कि मामले में सोशल मीडिया अकाउंट, डिजिटल रिकॉर्ड और अन्य साक्ष्यों की जांच की जा रही है। मुकदमे में नामजद अन्य लोगों की भूमिका भी जांच के दायरे में है। जांच पूरी होने के बाद साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *