सीबीएसई 12वीं की री-इवैल्यूएशन प्रक्रिया ने एक छात्रा की किस्मत ही बदल दी। रांची की अवनी केजरीवाल ने दोबारा कॉपी जांच के बाद 500 में से 500 अंक हासिल कर पूरे देश में टॉप कर इतिहास रच दिया। पहले घोषित परिणाम में उन्हें 94 प्रतिशत अंक मिले थे, लेकिन अपने प्रदर्शन पर  भरोसा होने के कारण उन्होंने री-इवैल्यूएशन के लिए आवेदन किया था।

री-चेकिंग ने बदल दी रैंकिंग, 94% से सीधे 100% तक पहुंचीं अवनी

रांची की रहने वाली अवनी केजरीवाल ने इस वर्ष सीबीएसई 12वीं की परीक्षा कॉमर्स स्ट्रीम से दी थी। 13 मई को घोषित परिणाम में उन्हें 94 प्रतिशत अंक मिले थे। हालांकि अवनी को विश्वास था कि उन्होंने परीक्षा में इससे बेहतर प्रदर्शन किया है। इसी भरोसे के साथ उन्होंने सीबीएसई की मार्क्स वेरिफिकेशन और री-इवैल्यूएशन प्रक्रिया में आवेदन किया।

कॉपी दोबारा जांची गई तो मिले पूरे 500 अंक

सीबीएसई की दो चरणों वाली री-इवैल्यूएशन प्रक्रिया के तहत पहले उत्तर पुस्तिका की कॉपी उपलब्ध कराई गई और फिर अंक सत्यापन कराया गया। जांच पूरी होने के बाद 21 जून को संशोधित परिणाम जारी हुआ। इसमें अवनी के अंक 94 प्रतिशत से बढ़कर 100 प्रतिशत हो गए। उन्हें 500 में से पूरे 500 अंक मिले और वह राष्ट्रीय स्तर पर टॉपर बन गईं।

स्कूल में खुशी की लहर, प्रिंसिपल ने की सराहना

अवनी की इस उपलब्धि पर स्कूल और परिवार में खुशी का माहौल है। डीपीएस रांची की प्रिंसिपल डॉ. जया चौहान ने कहा कि अवनी की सफलता पूरे विद्यालय के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि छात्रा की मेहनत, समर्पण और उत्कृष्टता के प्रति उसकी प्रतिबद्धता का परिणाम है। साथ ही यह अन्य विद्यार्थियों को बड़े सपने देखने और उन्हें पूरा करने के लिए प्रेरित करेगी।

लाखों छात्रों ने मांगी थीं उत्तर पुस्तिकाएं

सीबीएसई के आंकड़ों के अनुसार 12वीं के परिणाम घोषित होने के बाद 4 लाख से अधिक आवेदन प्राप्त हुए थे। छात्रों ने 11 लाख से ज्यादा उत्तर पुस्तिकाओं की स्कैन कॉपी मांगी थी। वहीं 1.6 लाख से अधिक विद्यार्थियों ने अंक सत्यापन और री-इवैल्यूएशन के लिए आवेदन किया था। अवनी का मामला इस बात का उदाहरण बन गया है कि यदि छात्रों को अपने प्रदर्शन पर भरोसा हो तो री-इवैल्यूएशन का विकल्प उनके लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।

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