बरेली। एंबुलेंस सेवा समय पर न मिलने के कारण एक बुजुर्ग मरीज की जान चली गई। परिजन गंभीर हालत में मरीज को ठेले पर लादकर अस्पताल पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग की आपातकालीन सेवाओं पर सवाल खड़े हो गए हैं।
चौपुला स्थित गिहार बस्ती निवासी 70 वर्षीय शेरू पुत्र बूबन लाल कोतवाली क्षेत्र में जूता पॉलिश का काम करते थे। परिजनों के अनुसार पेट दर्द की शिकायत पर उन्हें दो दिन पहले जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। सोमवार को डॉक्टरों ने हालत में सुधार बताते हुए उन्हें डिस्चार्ज कर घर भेज दिया।
खून की उल्टी होने पर बिगड़ी तबीयत
परिजनों का आरोप है कि घर पहुंचने के कुछ ही देर बाद शेरू को खून की उल्टी होने लगी और उनकी हालत बिगड़ गई। घबराए परिजनों ने एंबुलेंस सेवा के लिए कई बार फोन किया, लेकिन संपर्क नहीं हो सका। मजबूरी में परिजन उन्हें ठेले पर लादकर मिशन अस्पताल लेकर पहुंचे। वहां जांच के बाद डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद स्थानीय लोगों में नाराजगी है। उनका कहना है कि आपात स्थिति में एंबुलेंस सेवा उपलब्ध न होना गंभीर लापरवाही है। लोगों ने स्वास्थ्य विभाग से मामले की जांच कर जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
पहले भी सामने आ चुके हैं ऐसे मामले
गौरतलब है कि 10 जून को शाहजहांपुर के तिलहर क्षेत्र में लखनऊ-दिल्ली हाईवे पर धनेली पल्तू गांव के पास रोडवेज बस और ट्रक की टक्कर के बाद भी समय पर एंबुलेंस नहीं पहुंची थी। हादसे में रोडवेज चालक प्रमोद की मौत हो गई थी। घटना के विरोध में अगले दिन बरेली में रोडवेज के संविदा चालक और परिचालक हड़ताल पर चले गए थे। मामले में मुख्य चिकित्सा अधिकारी विश्राम सिंह से उनका पक्ष जानने के लिए संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनका फोन रिसीव नहीं हो सका।