बरेली। इज्जतनगर स्थित सेंट्रल जेल से सोमवार दोपहर एक उम्रकैदी के फरार होने से जेल प्रशासन और पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। घटना ने जेल की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मामले की सूचना मिलते ही प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी सक्रिय हो गए।
फरार कैदी की पहचान दिनेश पुत्र अरविंद निवासी नेनेडा राजपूत, थाना डिडौली, जनपद अमरोहा के रूप में हुई है। दिनेश को बिजनौर के एक पॉक्सो एक्ट मामले में उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी। वह पिछले छह वर्षों से बरेली सेंट्रल जेल में बंद था और सजा काट रहा था। दिनेश को विशेष पर्ची के आधार पर जेल से बाहर निकाला गया था। उससे पहले 12 अन्य बंदियों को भी कार्य के लिए बाहर ले जाया गया था। इसी दौरान दिनेश ने मौका देखकर सुरक्षा कर्मियों को चकमा दिया और वहां से फरार हो गया। काफी देर तक उसका कोई सुराग नहीं मिलने पर अधिकारियों के होश उड़ गए।
सूचना मिलते ही पहुंचे डीएम और एसएसपी
घटना की जानकारी मिलते ही जिलाधिकारी अविनाश सिंह, एसएसपी अनुराग आर्य समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारी केंद्रीय कारागार पहुंचे। अधिकारियों ने पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली और सुरक्षा व्यवस्था में हुई चूक की समीक्षा की। साथ ही जिम्मेदार कर्मचारियों की भूमिका की जांच के निर्देश दिए गए। कैदी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की कई टीमें गठित की गई हैं। संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। पुलिस सर्विलांस, स्थानीय नेटवर्क और अन्य तकनीकी माध्यमों की मदद से फरार कैदी की तलाश में जुटी है। आसपास के जिलों की पुलिस को भी अलर्ट कर दिया गया है।
लापरवाही पर सात कर्मचारी निलंबित
सेंट्रल जेल के वरिष्ठ अधीक्षक अविनाश ने प्रथम दृष्टया लापरवाही मानते हुए जेल वार्डर विशंभर सिंह, अर्जुन प्रसाद, गेंदनलाल, मुकेश कुमार और मोहित कुमार को निलंबित कर दिया है। इसके अलावा चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी विजय कुमार और यशपाल के खिलाफ भी निलंबन की कार्रवाई की गई है। जेल प्रशासन ने पूरे मामले की विभागीय जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि फरार कैदी को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा। वहीं सुरक्षा में चूक के लिए जिम्मेदार कर्मचारियों के खिलाफ सख्त विभागीय कार्रवाई भी की जाएगी।