बरेली। रामगंगा की कटरी से लेकर फरीदपुर, आंवला और बहेड़ी तक अपराधों से बरेली को थर्रा देने वाले जरायम के वह खौफनाक चेहरे अब कानून की चौखट पर पड़े गिड़गिड़ा रहे हैं। इतना ही नहीं वर्दी के पैरों में पड़े जिंदगी और रहम की भीख भी मांग रहे हैं। ये हम नहीं कह रहे, ये पुलिस के आंकड़े बताते हैं, और ये कारनामा कर के दिखाया है। यूपी पुलिस के जांबाज अफसर और बरेली के तेज तर्रार ईमानदार एसएसपी अनुराग आर्य ने।
आईपीएस अनुराग आर्य के बरेली में कप्तानी संभालते ही जरायम की दुनिया का खात्मा शुरू हो गया था। बड़े बड़े अपराधी खौफ से जिला छोड़ गये या सलाखों के पीछे अपनी करतूतों पर आंसू बहा रहे हैं। बरेली में अपराधियों के खिलाफ पुलिस का ऑपरेशन लगातार जारी है। पिछले 726 दिनों में औसतन हर तीसरे दिन पुलिस और बदमाशों के बीच मुठभेड़ हुई। इन 153 मुठभेड़ों में पुलिस ने 323 अपराधियों को गिरफ्तार किया, जबकि जवाबी कार्रवाई में 201 बदमाशों को गोली लगी। इनमें 199 घायल हुए और दो कुख्यात अपराधी ढेर कर दिए गए।
हत्या, लूट, डकैती और गौतस्करी की घटनाएं हुईं कम
एसएसपी अनुराग आर्य के कार्यकाल में अपराधियों के खिलाफ चलाए गए अभियान का असर जिले में साफ दिखाई दे रहा है। हत्या, लूट, डकैती, गैंगस्टर, गोतस्करी समेत हीनियस क्राइम में शामिल कई इनामी बदमाश पुलिस की गोली से घायल होकर सलाखों के पीछे पहुंचे हैं। पुलिस की मुठभेड़ों में वही अपराधी घायल हुए जिन्होंने गिरफ्तारी से बचने के लिए पुलिस टीम पर फायरिंग की या हथियार उठाए। जवाबी कार्रवाई में 199 अपराधी घायल हुए। इनमें कई शातिर अपराधी ऐसे भी रहे जिनके खिलाफ दर्जनों मुकदमे दर्ज थे।
इज्जतनगर सबसे आगे, बारादरी दूसरे नंबर पर
मुठभेड़ों में सबसे अधिक 22 अपराधी इज्जतनगर थाना क्षेत्र में घायल हुए। इसके बाद बारादरी में 19, आंवला और भोजीपुरा में 14-14, बिथरी चैनपुर में 13, देवरनिया में 11 और बहेड़ी में 10 अपराधी पुलिस की गोली से घायल हुए। इसके अलावा जिले के लगभग सभी थाना क्षेत्रों में अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई हुई।
एक लाख का इनामी शैतान हुआ ढेर
अक्तूबर 2025 में भोजीपुरा पुलिस ने एक लाख रुपये के इनामी डकैत इफ्तेखार उर्फ शैतान उर्फ सोल्जर को मुठभेड़ में मार गिराया था। उसके खिलाफ 17 संगीन मुकदमे दर्ज थे। वहीं मार्च में इज्जतनगर पुलिस ने दोहरे हत्याकांड के आरोपी अफसर खां को मुठभेड़ में ढेर कर दिया था। अफसर ने अपनी सास आसमा और साले आदिल की हत्या कर दी थी और फरार चल रहा था। बहेड़ी में मुठभेड़ के दौरान घायल हुए गोकश फैजान और फतेहगंज पश्चिमी में घायल शेर सिंह उर्फ शेरा की हालत इतनी गंभीर हो गई कि संक्रमण फैलने के कारण दोनों के पैर काटने पड़े।