बरेली। मोहर्रम से पहले हाफिजगंज थाना क्षेत्र के खाईखेड़ा गांव में वायरल हुए एक वीडियो ने पुलिस और प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। सोशल मीडिया पर तेजी से प्रसारित वीडियो में मोहर्रम के जुलूस के दौरान कथित तौर पर पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे लगाए जा रहे हैं।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल जांच शुरू की। जांच के दौरान कुछ स्थानीय लोगों ने दावा किया कि वीडियो में सुनाई देने वाली आवाज जुलूस में शामिल लोगों की नहीं, बल्कि वीडियो रिकॉर्ड कर रहे युवक की है। पुलिस ने वीडियो बनाने वाले युवक को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो मामला नया मोड़ लेता दिखाई दिया। पुलिस का कहना है कि प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि कथित नारेबाजी वीडियो बनाने वाले युवक ने ही की थी। इसके बाद उसने वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया।
11 लोग हिरासत में, दोनों पक्षों से पूछताछ
मामले में अब तक 11 लोगों को हिरासत में लिया गया है। इनमें छह हिंदू पक्ष और पांच मुस्लिम पक्ष के लोग शामिल हैं। सभी से अलग-अलग पूछताछ की जा रही है। पुलिस पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने और वायरल वीडियो की सच्चाई सामने लाने में जुटी है। पुलिस अधिकारियों को आशंका है कि मोहर्रम से पहले सांप्रदायिक माहौल खराब करने के उद्देश्य से वीडियो तैयार कर वायरल किया गया हो सकता है। इसी एंगल से जांच आगे बढ़ाई जा रही है। गांव और आसपास के क्षेत्रों में पुलिस की निगरानी बढ़ा दी गई है।
चर्चाओं के बीच पुलिस की अपील
क्षेत्र में चर्चा है कि वीडियो बनाने वाला और कथित तौर पर पाकिस्तान जिंदाबाद का नारा लगाने वाला युवक हिंदू समुदाय से जुड़ा है। हालांकि पुलिस ने इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है। अधिकारियों ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और सोशल मीडिया पर भ्रामक सामग्री साझा करने से बचने की अपील की है। हाफिजगंज इंस्पेक्टर संतोष सिंह ने बताया कि कुछ लोगों को हिरासत में लिया गया है, पूछताछ की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद तथ्य सार्वजनिक किए जाएंगे और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।