रायबरेली। सलोन कोतवाली क्षेत्र के साहबगंज बाजार में गुरुवार सुबह तेज रफ्तार का ऐसा कहर देखने को मिला, जिसने पूरे इलाके को दहला दिया। प्रतापगढ़ की ओर से आ रहा एक बेकाबू टैंकर बाइक सवार तीन लोगों को रौंदते हुए सड़क किनारे बने होटल में जा घुसा। हादसा इतना भीषण था कि बाइक के परखच्चे उड़ गए और होटल की दीवारें तक ढह गईं। इस दर्दनाक हादसे में एक अधेड़ की मौत हो गई, जबकि दो युवक गंभीर हालत में अस्पताल में जिंदगी और मौत से जंग लड़ रहे हैं।
जोरदार टक्कर के बाद मचा चीख-पुकार
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, गुरुवार सुबह साहबगंज बाजार में सामान्य चहल-पहल शुरू ही हुई थी कि तभी तेज रफ्तार टैंकर अचानक अनियंत्रित हो गया। सामने से आ रही बाइक को उसने जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भयावह थी कि बाइक सवार कई फीट दूर जा गिरे। इसके बाद भी टैंकर नहीं रुका और सीधे सड़क किनारे बने एक होटल में घुस गया। टक्कर के साथ जोरदार धमाका हुआ और होटल का अगला हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। आसपास के लोग दौड़कर मौके पर पहुंचे और घायलों को बाहर निकाला।
हादसे में तीन लोग गंभीर रूप से घायल
हादसे में बाइक सवार कल्लू (50) निवासी भटनी प्रतापगढ़, मजीत (22) निवासी नयापुरवा गोपालपुर सलोन और रामप्यारे (40) निवासी बहादुरपुर लालगंज आजहरा प्रतापगढ़ गंभीर रूप से घायल हो गए। स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस और एंबुलेंस को सूचना दी। तीनों घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सलोन पहुंचाया गया, जहां हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने जिला अस्पताल रेफर कर दिया।
जिला अस्पताल पहुंचते ही टूट गई सांसें
डॉक्टरों के मुताबिक, जिला अस्पताल पहुंचने से पहले ही 50 वर्षीय कल्लू की हालत बेहद नाजुक हो चुकी थी। अस्पताल पहुंचते ही डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। वहीं मजीत और रामप्यारे की हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है। डॉक्टर दोनों को बचाने की कोशिश में जुटे हैं।
पुलिस जांच में जुटी
हादसे के बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर टैंकर को कब्जे में ले लिया है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और टैंकर चालक की तलाश शुरू कर दी गई है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि साहबगंज बाजार में भारी वाहनों की तेज रफ्तार लंबे समय से हादसों की वजह बन रही है, लेकिन इसके बावजूद प्रशासन की ओर से कोई सख्त कदम नहीं उठाए जा रहे।