बिहार के भोजपुर जिले में एक शादी समारोह उस वक्त रणभूमि में बदल गया, जब कुछ असामाजिक तत्वों ने बारात पर हमला बोल दिया। लाठी-डंडों से लैस दबंगों ने न सिर्फ बारातियों को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा, बल्कि दूल्हे तक को नहीं छोड़ा। हालात ऐसे बन गए कि शादी टूटने की नौबत आ गई, लेकिन ऐन मौके पर पुलिस ने ऐसा कदम उठाया कि रिश्ता बच गया और थाने का मंदिर शादी का गवाह बन गया।
खुशियों के बीच मचा बवाल
घटना शाहपुर थाना क्षेत्र के शोभी टोला गांव की है। यहां नरेश यादव की बेटी सोनी कुमारी की शादी तियर थाना क्षेत्र के मनियारा गांव निवासी हरेंद्र कुमार के साथ तय थी। मंगलवार रात धूमधाम से बारात गांव पहुंची थी। डीजे बज रहा था, स्वागत की तैयारियां चल रही थीं और शादी की रस्में शुरू होने वाली थीं। इसी दौरान अचानक कुछ उपद्रवी हाथों में लाठी-डंडे लेकर बारात में घुस आए और हमला शुरू कर दिया। देखते ही देखते शादी का माहौल चीख-पुकार में बदल गया। महिलाएं और बच्चे जान बचाकर भागने लगे।
दूल्हे को भी नहीं बख्शा
हमलावरों ने दूल्हे और उसके परिवार को निशाना बनाया। आरोप है कि दूल्हे, उसके पिता और बड़े भाई को बेरहमी से पीटा गया। बारातियों का कहना है कि मारपीट के दौरान नकदी और गहने भी गायब हो गए। कई लोग घायल हो गए और शादी रुक गई। हमले के बाद दोनों पक्षों में तनाव फैल गया। गांव में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और मामला बिगड़ता चला गया।
पुलिस ने बचा लिया रिश्ता
सूचना मिलते ही शाहपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और हालात संभाले। माहौल इतना तनावपूर्ण था कि शादी टूटने की आशंका बढ़ गई थी। इसके बाद पुलिस ने अनोखा फैसला लिया। पुलिस टीम दूल्हा-दुल्हन को थाने ले गई, जहां थाना परिसर स्थित शिव मंदिर में कड़ी सुरक्षा के बीच दोनों की शादी कराई गई। वैदिक मंत्रोच्चार के साथ विवाह संपन्न हुआ और पुलिसकर्मी भी इस अनोखी शादी के गवाह बने।
थाने से हुई दुल्हन की विदाई
शादी के बाद दुल्हन को थाने से ही ससुराल के लिए विदा किया गया। अब पूरे इलाके में इस अनोखी शादी और पुलिस की भूमिका की चर्चा हो रही है। लोग कह रहे हैं कि अगर पुलिस समय पर नहीं पहुंचती, तो एक रिश्ता टूट सकता था।