बरेली। उत्तराखंड के जंगलों से चोरी कर लाई गई करीब 20 लाख रुपये मूल्य की खैर की लकड़ी बरेली के बहेड़ी कस्बे में पकड़ी गई। उत्तराखंड वन विभाग की टीम ने शनिवार को धोबी तालाब रोड स्थित एक गोदाम पर छापेमारी कर भारी मात्रा में लकड़ी बरामद की। कार्रवाई के दौरान गोदाम मालिक मौके से फरार हो गया। वन विभाग ने पूरी खेप जब्त कर उसे उत्तराखंड ले जाकर आगे की जांच शुरू कर दी है।
वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार गौला बैराज से खटीमा तक फैले जंगलों से लंबे समय से खैर की लकड़ी चोरी कर बहेड़ी में खपाने का अवैध कारोबार चल रहा था। दो दिन पहले जंगल से लकड़ी चोरी करते हुए पकड़े गए दो आरोपियों और मुखबिर से मिली जानकारी के आधार पर उत्तराखंड वन विभाग ने कार्रवाई की। उत्तराखंड वन विभाग के एसडीओ अनिल जोशी और खटीमा की एसडीओ सावित्री गोस्वामी अपनी टीम के साथ बहेड़ी पहुंचे और धोबी तालाब रोड स्थित गोदाम पर छापा मारा। यहां भारी मात्रा में चोरी की लकड़ी बरामद हुई। छापेमारी की भनक लगते ही गोदाम संचालक फरार हो गया। बरामद लकड़ी की कीमत करीब 20 लाख रुपये आंकी गई है।
स्थानीय वन विभाग की भूमिका पर सवाल
कार्रवाई के बाद स्थानीय वन विभाग की कार्यशैली भी सवालों के घेरे में आ गई है। आरोप है कि उत्तराखंड के जंगलों से पिकअप वाहनों के जरिए लिंक मार्गों से लकड़ी लगातार बहेड़ी पहुंचती रही, लेकिन स्थानीय वन विभाग को इसकी भनक तक नहीं लगी। इतना ही नहीं, उत्तराखंड वन विभाग द्वारा सूचना देने के बावजूद स्थानीय रेंजर और अन्य अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचे।
भाकियू ने लगाए मिलीभगत के आरोप
भारतीय किसान यूनियन के तहसील अध्यक्ष राजेश गुप्ता ने आरोप लगाया कि स्थानीय वन विभाग को रात में आने वाली लकड़ी की पूरी जानकारी रहती है। उनका कहना है कि नदेली रोड और उत्तम नगर लिंक रोड से लकड़ी लाई जाती है, जहां वन विभाग की नियमित रात्रि गश्त भी होती है। इसके बावजूद कार्रवाई न होना संदेह पैदा करता है। उत्तराखंड वन विभाग के एसडीओ अनिल जोशी ने बताया कि उत्तराखंड के जंगलों से चोरी कर लाई गई लकड़ी जब्त कर ली गई है। मामले की जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद गोदाम मालिक और लकड़ी चोरी के नेटवर्क से जुड़े सभी आरोपियों के खिलाफ विधिक कार्रवाई की जाएगी।