बरेली। बागपत के छोटे से गांव छपरौली के सरस्वती शिशु मंदिर से शुरू हुआ एक छात्र का सफर आज देश के चुनिंदा पुलिस अधिकारियों की कतार में खड़ा हो गया है। बरेली के एसएसपी अनुराग आर्य ने देश के 100 सर्वश्रेष्ठ पुलिस कप्तानों की सूची में जगह बनाई है। फेम इंडिया-एशिया पोस्ट के राष्ट्रीय सर्वेक्षण में उत्तर प्रदेश के जिन 10 पुलिस कप्तानों का चयन हुआ है, उनमें अनुराग आर्य भी शामिल हैं। यह उपलब्धि सिर्फ एक आईपीएस अधिकारी की सफलता नहीं, बल्कि उस मां के लिए भी गौरव का क्षण है, जिसने अपने बेटे को गांव की गलियों से निकलकर वर्दी में देश और समाज की सेवा करते देखा। सर्वेक्षण में देशभर के जिला पुलिस प्रमुखों का नेतृत्व, कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण और जनता के साथ संबंध जैसे पैमानों पर मूल्यांकन किया गया। महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा, संकट के दौरान निर्णय क्षमता, आधुनिक तकनीक एवं नवाचार का इस्तेमाल, पारदर्शिता और जवाबदेही भी चयन के प्रमुख आधार रहे।
अपराध पर वार, जनता से संवाद, ऐसे बनी राष्ट्रीय पहचान
चयन के लिए आधिकारिक आंकड़ों और प्रशासनिक स्रोतों के साथ मीडिया रिपोर्ट, विशेषज्ञों की राय, सोशल मीडिया पर उपलब्ध जानकारी और जमीनी सर्वेक्षण को आधार बनाया गया। अपराध नियंत्रण, जनमित्र पुलिसिंग, दूरदर्शी नेतृत्व, नवाचार, पारदर्शिता, त्वरित निर्णय, संकट प्रबंधन, व्यवहार कुशलता, जनसंपर्क और सार्वजनिक छवि समेत दस मानकों पर अधिकारियों को परखा गया।
इन कसौटियों पर बरेली के एसएसपी अनुराग आर्य ने अपनी जगह बनाई। उनके कार्यकाल में संगठित अपराध और गंभीर वारदातों के आरोपियों के खिलाफ पुलिस की आक्रामक कार्रवाई लगातार चर्चा में रही है।
गांव के स्कूल से IPS तक, पहले ही प्रयास में छू लिया था मुकाम
अनुराग आर्य का जन्म वर्ष 1987 में बागपत जिले के छपरौली गांव में हुआ। प्रारंभिक शिक्षा गांव के सरस्वती शिशु मंदिर से हुई। उन्होंने फिजिक्स में बीएससी ऑनर्स की पढ़ाई की और वर्ष 2013 में पहले ही प्रयास में सिविल सेवा परीक्षा में सफलता हासिल कर आईपीएस बने। उनकी रैंक 163 रही।
परिवार में मां डॉ. पूनम आर्य, पत्नी वनिका सिंह और बेटी अनाइका आर्य हैं। वनिका सिंह पीसीएस अधिकारी हैं। अनुराग आर्य अमेठी, बलरामपुर, मऊ, प्रतापगढ़ और आजमगढ़ समेत कई जिलों में सेवाएं दे चुके हैं। वर्दी से अलग उनकी पहचान एक खिलाड़ी और रोमांच पसंद अधिकारी की भी है। वह बास्केटबॉल खिलाड़ी रहे हैं। नेहरू पर्वतारोहण संस्थान, उत्तरकाशी से प्रशिक्षित पर्वतारोही और औली से प्रमाणित स्कीयर हैं। हैदराबाद मैराथन और दिल्ली हाफ मैराथन भी सफलतापूर्वक पूरी कर चुके हैं।
बरेली में ऑपरेशन अपराध ने बनाई अलग पहचान
अगस्त 2024 में शाही-शीशगढ़ क्षेत्र में महिलाओं की हत्याओं से फैली दहशत के बीच पुलिस ने कथित सीरियल किलर कुलदीप को गिरफ्तार किया। सितंबर 2025 में अभिनेत्री दिशा पाटनी के घर फायरिंग के मामले में पुलिस ने गोल्डी बराड़ गैंग से जुड़े आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की। मामले में दो शूटर मुठभेड़ में मारे गए, एक आरोपी घायल हुआ और तीन गिरफ्तार किए गए।
सितंबर 2025 के बवाल के बाद तौकीर रजा समेत आरोपियों पर पुलिस ने शिकंजा कसा और 101 उपद्रवियों को जेल भेजा गया। पुलिस आंकड़ों के मुताबिक अनुराग आर्य की तैनाती के बाद लूट, गोकशी, महिला अपराध और हत्या समेत गंभीर मामलों में लिप्त 213 से अधिक बदमाशों को मुठभेड़ों के दौरान गिरफ्तार किया गया। डकैती में वांछित एक लाख रुपये के इनामी फिरोज उर्फ शैतान उर्फ इफ्तेखार समेत गंभीर मामलों के आरोपियों के खिलाफ भी पुलिस ने मुठभेड़ में कार्रवाई की।
यूपी के इन 10 अफसरों ने बनाई जगह
राष्ट्रीय सूची में उत्तर प्रदेश से आकाश पटेल (चंदौली), अनुराग आर्य (बरेली), अपर्णा रजत कौशिक (मिर्जापुर), दीक्षा शर्मा (ईस्ट जोन लखनऊ), डॉ. कौस्तुभ (गोरखपुर), इलामारन जी. (एटा), केके बिश्नोई (संभल), प्राची सिंह (अंबेडकरनगर), डॉ. इराज राजा (गाजीपुर) और सर्वानंद टी. (अमेठी) को जगह मिली है।
मां के लिए इससे बड़ा गौरव क्या, गांव से निकला बेटा देश के चुनिंदा कप्तानों में
किसी अधिकारी के लिए राष्ट्रीय स्तर पर पहचान उपलब्धि है, लेकिन एक मां के लिए उसकी कहानी कुछ और होती है। जिस बेटे की उंगली पकड़कर कभी स्कूल की राह दिखाई होगी, आज उसी बेटे की पहचान देश के चुनिंदा पुलिस कप्तानों में हुई है। छपरौली की मिट्टी से निकले अनुराग आर्य की इस उपलब्धि ने बरेली पुलिस का मान बढ़ाया है तो मां डॉ. पूनम आर्य के लिए भी यह बेटे पर गर्व करने वाला खास मुकाम है।