up newsप्रतीकात्मक चित्र

बरेली। कांवड़ियों की भीड़ शहर से गुजर रही है, रास्ते में जगह-जगह खाने-पीने के ठेले, होटल और ढाबे सजे हैं और खाद्य सुरक्षा विभाग का दावा है कि सबकी निगरानी हो रही है। लेकिन हकीकत चौंकाने वाली है। 24 से 28 जुलाई तक पांच टीमें कांवड़ मार्गों पर दौड़ती रहीं, 857 खाद्य प्रतिष्ठानों तक पहुंचीं, QR कोड चिपकाए, साफ-सफाई की नसीहत दी और लौट आईं। मिलावट पकड़ने के लिए एक भी खाद्य नमूना नहीं लिया गया।

24 जुलाई से शुरू हुआ अभियान 27 और 28 जुलाई को भी जारी रहा। रामगंगा पुल से पहले, सुभाषनगर, लाल फाटक से बैरियर-2, सेटेलाइट, झुमका तिराहा से सीबीगंज और बदायूं रोड तक विभागीय टीमें पहुंचीं। 27 जुलाई को 309 और 28 जुलाई को 168 प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया। विभाग के मुताबिक अब तक कुल 857 खाद्य प्रतिष्ठानों पर फूड सेफ्टी कनेक्ट ऐप के QR कोड चस्पा किए जा चुके हैं। कारोबारियों को साफ-सफाई और खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता बनाए रखने की हिदायत भी दी गई।

सड़े फल दिखे तो समझाइश, रंग दिखा तो नसीहत

टीमों ने कटे-सड़े फल नहीं बेचने, खुले मसालों का इस्तेमाल न करने, खाद्य पदार्थों में रंग नहीं डालने और ताजा भोजन परोसने के निर्देश दिए। साफ-सफाई और हाइजीन का पाठ भी पढ़ाया गया। लेकिन सवाल यह है कि अगर निरीक्षण के दौरान किसी खाद्य पदार्थ पर संदेह हुआ तो उसका नमूना लेकर जांच क्यों नहीं कराई गई। सिर्फ दुकानदार को समझाकर छोड़ देने से यह कैसे साबित होगा कि उसके यहां बिक रहा खाना वास्तव में सुरक्षित है।

QR कोड चिपकाकर शिकायत का इंतजार कर रहा विभाग

एफएसडीए की ओर से लगाए गए QR कोड स्कैन कर श्रद्धालु या ग्राहक सीधे विभाग से शिकायत कर सकता है। शिकायत मिलते ही नजदीकी टीम मौके पर पहुंचेगी। व्यवस्था सुनने में अच्छी है, लेकिन सवाल इससे भी बड़ा है। जब पांच टीमें पहले से कांवड़ मार्ग पर घूम रही हैं, तो उन्हें संदिग्ध खाद्य पदार्थों की जांच के लिए ग्राहक की शिकायत का इंतजार क्यों करना पड़े। विभाग की टीम खुद मौके पर मौजूद है तो कार्रवाई भी मौके पर होनी चाहिए।

857 प्रतिष्ठान, फिर भी सैंपलिंग शून्य

तीन दिन में 857 प्रतिष्ठानों तक पहुंचना विभाग के लिए बड़ी कवायद है। लेकिन इस पूरी कार्रवाई में अगर सैंपलिंग शून्य रही तो अभियान की गंभीरता पर सवाल उठना स्वाभाविक है। कांवड़ मार्ग पर रोजाना बड़ी संख्या में श्रद्धालु खाना-पीना लेते हैं। ऐसे में सिर्फ QR कोड लगाकर खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने का दावा कितना मजबूत है, इसका जवाब विभाग को देना होगा। खाद्य सहायक आयुक्त राहुल सिंह ने कहा कांवड़ मार्ग पर पांच टीमें लगी हैं। टीमें लगातार निरीक्षण कर रही हैं और खाद्य कारोबारियों को साफ-सफाई व खाद्य गुणवत्ता बनाए रखने के निर्देश दिए जा रहे हैं।

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