प्रयागराज। यूपी बोर्ड से पढ़ने वाले लाखों छात्र-छात्राओं के लिए बड़ी राहत की खबर है। माध्यमिक शिक्षा परिषद उत्तर प्रदेश ने अब किताबों को घर बैठे उपलब्ध कराने की नई व्यवस्था शुरू कर दी है। बोर्ड ने ऑनलाइन पोर्टल लॉन्च किया है, जहां छात्र अपनी कक्षा और विषय के अनुसार किताबों का सेट चुनकर आसानी से ऑर्डर कर सकेंगे। खास बात यह है कि इन किताबों की होम डिलीवरी भी मुफ्त होगी।
ऑनलाइन पोर्टल से मिलेंगी किताबें
यूपी बोर्ड ने छात्र-छात्राओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए ऑनलाइन पोर्टल शुरू किया है। इस पोर्टल पर 9वीं से 12वीं तक की किताबों के सेट उपलब्ध कराए गए हैं। छात्र अपनी कक्षा और विषय के अनुसार पुस्तकें चुन सकते हैं और ऑनलाइन माध्यम से ऑर्डर कर सकते हैं। बोर्ड का कहना है कि इससे छात्रों को बाजारों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे और समय पर किताबें मिल सकेंगी।
36 विषयों की 70 किताबें उपलब्ध
बोर्ड के अनुसार शैक्षिक सत्र 2026-27 के लिए 36 विषयों की कुल 70 एनसीईआरटी पुस्तकें उपलब्ध कराई गई हैं। इनमें गणित, विज्ञान, सामाजिक विज्ञान, इतिहास, भूगोल, अर्थशास्त्र और गृह विज्ञान जैसे प्रमुख विषय शामिल हैं। इसके अलावा परिषद द्वारा तैयार हिंदी, संस्कृत और उर्दू की 12 पाठ्य पुस्तकें भी छात्रों को उपलब्ध कराई जाएंगी।
होम डिलीवरी भी पूरी तरह मुफ्त
यूपी बोर्ड ने दावा किया है कि छात्रों को किताबों की डिलीवरी के लिए कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं देना होगा। किताबें सीधे उनके घर तक पहुंचाई जाएंगी। बोर्ड का मानना है कि इस पहल से ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में पढ़ने वाले छात्रों को सबसे ज्यादा फायदा मिलेगा।
तीन संस्थाओं को दी गई जिम्मेदारी
पुस्तकों के प्रकाशन और वितरण की जिम्मेदारी बोर्ड ने तीन अधिकृत संस्थाओं को सौंपी है। इनमें पायनियर प्रिंटर्स एंड पब्लिशर्स, पीतांबरा बुक्स प्राइवेट लिमिटेड और सिंघल एजेंसी शामिल हैं। बोर्ड का कहना है कि इस व्यवस्था से छात्रों को सस्ती और गुणवत्तापूर्ण किताबें समय पर मिल सकेंगी।
छात्रों और अभिभावकों को बड़ी राहत
शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यूपी बोर्ड की यह पहल छात्रों और अभिभावकों के लिए राहत भरी साबित होगी। इससे किताबों की कालाबाजारी पर रोक लगेगी और छात्रों को आसानी से पाठ्य सामग्री उपलब्ध हो सकेगी।