बरेली। सावन के तीसरे सोमवार को बरेली पूरी तरह शिवमय हो गई। हरिद्वार, कछला और गढ़ से गंगाजल लेकर पहुंचे हजारों कांवड़ियों और श्रद्धालुओं ने नाथ मंदिरों में भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक किया। तड़के से ही शिवालयों के बाहर भक्तों की लंबी कतारें लग गईं। हर-हर महादेव और बम-बम भोले के जयकारों से मंदिर से लेकर कांवड़ मार्ग तक गूंजते रहे। रविवार रात से शुरू हुआ कांवड़ियों के जत्थों के पहुंचने का सिलसिला सोमवार को भी जारी रहा।
तीसरे सोमवार पर सुबह से ही शहर के प्रमुख नाथ मंदिरों के साथ अन्य शिवालयों में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। कांवड़िए गंगाजल लेकर मंदिर पहुंचे और भगवान शिव का अभिषेक किया। मंदिरों के बाहर लंबी कतारों के बीच श्रद्धालु अपनी बारी का इंतजार करते रहे। कांवड़ियों के जत्थों से शहर की सड़कों पर भी भगवा रंग छाया रहा। वनमंत्री डॉ. अरुण कुमार अपने भाई एडवोकेट अनिल कुमार सक्सेना के साथ नाथ मंदिर पहुंचे और भगवान शिव का जलाभिषेक किया। बृज क्षेत्रीय अध्यक्ष पूरन लाल लोधी और कैंट विधायक संजीव अग्रवाल ने भी मंदिर पहुंचकर भोलेनाथ का जलाभिषेक किया।
कंधे पर 125 लीटर तक गंगाजल, कलश कांवड़ ने खींचा ध्यान
इस बार कांवड़ यात्रा में कलश वाली कांवड़ आकर्षण का केंद्र रही। कई शिवभक्त कंधों पर 50, 100 और 125 लीटर तक गंगाजल से भरे कलश लेकर चलते दिखाई दिए। कछला, हरिद्वार और गढ़ से लौट रहे कांवड़ियों के कारण बदायूं रोड, लाल फाटक और रामपुर रोड पर रविवार से ही मेले जैसा नजारा रहा।
तिरंगा और मंदिरों की झांकियां लेकर निकला जत्था
बदायूं रोड पर भोजीपुरा के महंत देवानंद का जत्था भी आकर्षण का केंद्र रहा। कांवड़िए तिरंगे और विभिन्न मंदिरों के स्वरूपों की मनमोहक झांकियों के साथ पहुंचे। जत्थे में कलश कांवड़ भी शामिल थी। महंत देवानंद ने बताया कि यह उनकी 17वीं कांवड़ यात्रा है और उनके साथ करीब 50 कांवड़िए हैं। उन्होंने कहा कि अगली यात्रा में राम मंदिर के स्वरूप की कांवड़ तैयार कर लाएंगे।
कोई 50 लीटर गंगाजल तो कोई कंधे पर शिव की मूर्ति लेकर पहुंचा
कांवड़ियों में आस्था के अलग-अलग रंग देखने को मिले। कई श्रद्धालु कछला से 50 लीटर तक गंगाजल लेकर पहुंचे। सीबीगंज के एक शिवभक्त कछला से भगवान शंकर की मूर्ति कंधे पर रखकर लाए। पीलीभीत और पूरनपुर से आए कांवड़ियों के जत्थे भी लाल फाटक से होकर अपने गंतव्य की ओर रवाना हुए। रास्ते में जगह-जगह लोगों ने पुष्प वर्षा कर उनका स्वागत किया।
कांवड़ियों से पटा बदायूं रोड, जाम में फंसी एंबुलेंस
रामगंगा के आसपास कांवड़ियों की सेवा के लिए जगह-जगह शिविर और पंडाल लगाए गए। दिनभर सड़कों पर हर-हर महादेव और बम-बम भोले के जयकारे गूंजते रहे। कांवड़ियों का दबाव बढ़ने से लाल फाटक और बदायूं रोड पर कई बार यातायात की रफ्तार थम गई। इसी दौरान बदायूं की ओर जा रही एक एंबुलेंस भी जाम में फंस गई। पुलिसकर्मियों ने मशक्कत कर रास्ता बनवाया और एंबुलेंस को जाम से बाहर निकाला।