पीलीभीत। बीसलपुर नगर पालिका के टैक्स घोटाले में बर्खास्त कर्मचारी उपेंद्र शंखधार की आत्महत्या के बाद मंगलवार को परिजनों ने शव सड़क पर रखकर पांच घंटे तक चक्का जाम किया। जनाक्रोश और भारी हंगामे के दबाव में आखिरकार प्रशासन को झुकना पड़ा और नगर पालिका अध्यक्ष प्रतिनिधि अमन जायसवाल, अधिशासी अधिकारी समेत पांच लोगों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज करना पड़ा।
दिनभर चले प्रदर्शन, जाम और हंगामे के बाद प्रशासन हरकत में आया। देर शाम नगर पालिका अध्यक्ष शशि जायसवाल के पति एवं अध्यक्ष प्रतिनिधि अमन जायसवाल, अधिशासी अधिकारी शेर सिंह समेत पांच लोगों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया। एफआईआर दर्ज होने के बाद अधिकारियों के आश्वासन पर परिजन अंतिम संस्कार के लिए तैयार हुए। जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह के निर्देश पर अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) प्रसून द्विवेदी और अपर पुलिस अधीक्षक विक्रम दहिया मृतक के घर पहुंचे। मृतक के भाई अनुराग ने ज्ञापन देकर आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी, कथित रूप से वसूली गई लाखों रुपये की वापसी, मृतक आश्रित को नगर पालिका में नौकरी और पूरे परिवार की सुरक्षा की मांग उठाई।
पालिका की कार्यप्रणाली पर फिर उठे सवाल
घटना के बाद बीसलपुर नगर पालिका की कार्यशैली एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि शासन और प्रशासन स्तर पर लगातार शिकायतें होने के बावजूद समय रहते कार्रवाई नहीं की गई। लोगों का आरोप है कि लापरवाही और अनदेखी ने हालात को इस दुखद मोड़ तक पहुंचा दिया। एफआईआर दर्ज होने के बाद अमन जायसवाल ने सभी आरोपों को निराधार बताया। उनका कहना है कि उपेंद्र के सुसाइड नोट में उनके खिलाफ उत्पीड़न या अवैध वसूली का कोई आरोप नहीं है, बल्कि केवल न्याय की मांग की गई है। उन्होंने कहा कि उन्हें राजनीतिक कारणों से झूठे मुकदमे में फंसाया गया है। वहीं अधिशासी अधिकारी शेर सिंह ने भी सभी आरोपों से इनकार करते हुए कहा कि वे जिलाधिकारी के समक्ष अपना पक्ष रखेंगे।
धरना स्थल पर पूर्व मंत्री का आपा खोना बना चर्चा का विषय
धरना स्थल पर उस समय नया विवाद खड़ा हो गया जब प्रदेश के पूर्व मंत्री एवं वरिष्ठ भाजपा नेता रामसरन वर्मा और विधायक विवेक वर्मा प्रदर्शनकारियों को समझाने पहुंचे। इसी दौरान एक समर्थक ने पुलिस और अध्यक्ष प्रतिनिधि अमन जायसवाल के खिलाफ तीखी नारेबाजी शुरू कर दी। स्थानीय लोगों के अनुसार इस पर पूर्व मंत्री रामसरन वर्मा ने अपना आपा खो दिया और समर्थक को कई थप्पड़ जड़ दिए। मौके पर मौजूद पुलिस ने तत्काल बीच-बचाव कर मामला शांत कराया। धरना स्थल पर हुई थप्पड़ मारने की घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।