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मिर्जापुर। यूपी के मिर्जापुर जिले के पड़री थाना क्षेत्र स्थित चौहान पट्टी गांव का रहने वाला मर्चेंट नेवी अफसर अमेरिका में संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गया है। शिपिंग कंपनी की ओर से भेजी गई सूचना में दावा किया गया है कि मर्चेंट नेवी के सेकंड अफसर मनीष द्विवेदी को अमेरिकी एजेंसियों ने हिरासत में लिया है। हालांकि परिवार इस दावे को लेकर असमंजस में है और लगातार भारतीय दूतावास व विदेश मंत्रालय से संपर्क कर रहा है। घटना के बाद गांव से लेकर परिवार तक चिंता और बेचैनी का माहौल है।

अमेरिका घूमने गए थे, फिर अचानक टूट गया संपर्क

परिजनों के मुताबिक मनीष द्विवेदी एक शिपिंग कंपनी में सेकंड अफसर के पद पर कार्यरत हैं। वह जहाज के साथ अमेरिका गए थे। बताया गया कि छह मई को वह अपने कुछ साथियों के साथ डेलावेयर राज्य स्थित कनकॉर्ड मॉल घूमने गए थे। उनके साथ मौजूद अन्य साथी वापस लौट आए, लेकिन मनीष वापस नहीं पहुंचे। इसके बाद से उनका फोन भी बंद आने लगा।

कंपनी के पत्र से बढ़ी चिंता

परिवार को बाद में शिपिंग कंपनी के वकील जोश की ओर से एक पत्र मिला। इसमें दावा किया गया कि अमेरिकी कस्टम्स एंड बॉर्डर प्रोटेक्शन एजेंसी ने मनीष को हिरासत में लिया है। पत्र में यह भी उल्लेख किया गया कि उन पर किसी व्यक्ति के साथ अनुचित व्यवहार का आरोप लगाया गया है और उन्हें डेलावेयर स्टेट पुलिस की बैरक नंबर-1 में रखा गया है। हालांकि परिवार को अब तक इस संबंध में कोई आधिकारिक दस्तावेज या सरकारी पुष्टि नहीं मिली है।

दूतावास और विदेश मंत्रालय से मांगी मदद

मनीष के पिता संतोष द्विवेदी ने बताया कि परिवार लगातार भारतीय दूतावास और विदेश मंत्रालय से संपर्क कर रहा है, लेकिन अब तक कोई स्पष्ट जानकारी नहीं मिल सकी है। परिवार जानना चाहता है कि मनीष सुरक्षित हैं या नहीं और फिलहाल उन्हें कहां रखा गया है।

मुंबई पहुंचकर कंपनी कार्यालय में की पूछताछ

मामले की जानकारी मिलने के बाद मनीष के पिता और दादा रविशंकर दुबे मुंबई पहुंचे। वहां अंधेरी ईस्ट स्थित शिपिंग कंपनी के कार्यालय में अधिकारियों से मुलाकात की गई। परिजनों का आरोप है कि कंपनी अधिकारी लगातार उन्हें अलग-अलग बातें बता रहे हैं और किसी भी तरह का लिखित प्रमाण उपलब्ध नहीं करा रहे हैं।

8 मई से नहीं हुई कोई बातचीत

परिवार का कहना है कि मनीष ने आखिरी बार सात मई को घर पर बात की थी। इसके बाद आठ मई से उनका फोन बंद है और किसी भी माध्यम से संपर्क नहीं हो पाया है। इस वजह से परिवार गहरे तनाव में है। परिजनों ने भारत सरकार से मामले में हस्तक्षेप कर अमेरिकी प्रशासन से सही जानकारी जुटाने और मनीष की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने की मांग की है।

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