वॉशिंगटन। जब अमेरिका में Donald Trump का प्रशासन Jeffrey Epstein विवाद से धीरे-धीरे बाहर निकलता नजर आ रहा था, तभी फर्स्ट लेडी Melania Trump के एक अचानक बयान ने पूरे सियासी माहौल को फिर गरमा दिया। इस बयान से न सिर्फ विपक्ष, बल्कि खुद व्हाइट हाउस के सहयोगी भी हैरान रह गए।
“झूठे आरोप अब खत्म होने चाहिए”—मेलानिया का सीधा वार
फर्स्ट लेडी ने व्हाइट हाउस में तैयार बयान पढ़ते हुए कहा कि उन्हें एपस्टीन से जोड़ने वाली बातें पूरी तरह झूठी और बेबुनियाद हैं। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की जा रही है और ऐसे आरोपों को वह सिरे से खारिज करती हैं। मेलानिया ने एक पुराने ईमेल का भी जिक्र किया, जिसमें उन्होंने Ghislaine Maxwell को भेजे गए एक सामान्य जवाब को लेकर उठे विवाद को गलत बताया। उनके मुताबिक यह सिर्फ शिष्टाचारपूर्ण बातचीत थी, किसी रिश्ते का संकेत नहीं।
क्यों अचानक आया यह बयान?
सूत्रों के मुताबिक, पिछले कुछ महीनों से इंटरनेट और ब्लॉग्स पर चल रही अफवाहों से मेलानिया परेशान थीं। लगातार उठ रहे सवालों और वायरल हो रही कहानियों के चलते उन्होंने खुद सामने आकर सफाई देना जरूरी समझा। बताया गया कि यह बयान पहले से व्हाइट हाउस की रणनीति का हिस्सा नहीं था, बल्कि यह उनका व्यक्तिगत फैसला था।
ट्रंप भी रह गए हैरान
दिलचस्प बात यह रही कि राष्ट्रपति Donald Trump को भी इस बयान की पहले से कोई जानकारी नहीं थी। उन्होंने बाद में दिए इंटरव्यू में कहा कि उन्हें अंदाजा नहीं था कि फर्स्ट लेडी कब और क्या बोलने वाली हैं। मेलानिया के इस बयान ने एक ऐसे मुद्दे को फिर से चर्चा में ला दिया, जो कुछ समय से ठंडा पड़ चुका था। अब अमेरिकी राजनीति में यह सवाल उठ रहा है कि क्या यह बयान केवल सफाई है या इसके पीछे कोई बड़ी रणनीति?