Social Sharing icon

वॉशिंगटन। पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच एक बड़ा खुलासा सामने आया है। अमेरिकी खुफिया एजेंसियों के हवाले से दावा किया गया है कि चीन, ईरान को नए एयर डिफेंस सिस्टम भेजने की तैयारी कर रहा है। यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब पाकिस्तान में अमेरिका-ईरान के बीच युद्धविराम को लेकर अहम वार्ता प्रस्तावित है।

तीसरे देशों के जरिए भेजी जा सकती है खेप

रिपोर्ट्स के मुताबिक, बीजिंग इन हथियारों की सप्लाई सीधे नहीं बल्कि तीसरे देशों के रास्ते करने की योजना बना रहा है, ताकि उसका नाम सामने न आए। यह रणनीति वैश्विक स्तर पर विवाद को और बढ़ा सकती है। सूत्रों का कहना है कि यह कदम अमेरिका और उसके सहयोगियों के लिए बड़ा झटका साबित हो सकता है। बताया जा रहा है कि जिन सिस्टम्स को भेजने की तैयारी है, वे MANPADs (कंधे से दागी जाने वाली मिसाइल प्रणाली) हैं। ये लो-एल्टीट्यूड यानी कम ऊंचाई पर उड़ने वाले लड़ाकू विमानों के लिए बेहद खतरनाक माने जाते हैं। पिछले संघर्ष में भी ऐसे सिस्टम्स ने अमेरिकी विमानों के लिए बड़ा खतरा पैदा किया था।

F-15 पर हमले से बढ़ी चिंता

अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में दावा किया था कि F-15 फाइटर जेट पर कंधे से दागी जाने वाली हीट-सीकिंग मिसाइल से हमला किया गया था। हालांकि ईरान ने ‘नए एयर डिफेंस सिस्टम’ के इस्तेमाल की बात कही, लेकिन उसकी तकनीक का खुलासा नहीं किया। वहीं चीन ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। बीजिंग के दूतावास के प्रवक्ता ने कहा कि चीन ने इस संघर्ष में शामिल किसी भी पक्ष को हथियार नहीं दिए हैं और यह पूरी तरह बेबुनियाद आरोप हैं। उन्होंने अमेरिका पर तनाव बढ़ाने का आरोप भी लगाया।

तनाव के बीच कूटनीतिक हलचल तेज

यह खुलासा ऐसे वक्त हुआ है जब पाकिस्तान में अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम को लेकर बातचीत की तैयारी चल रही है। विशेषज्ञ मानते हैं कि अगर यह डील सच साबित होती है तो क्षेत्रीय संतुलन बिगड़ सकता है और शांति प्रक्रिया पर असर पड़ सकता है।

ड्यूल-यूज टेक्नोलॉजी से पहले भी मदद

सूत्रों के अनुसार, चीनी कंपनियां पहले से ही ईरान को ‘ड्यूल-यूज’ टेक्नोलॉजी (दोहरा उपयोग वाली तकनीक) उपलब्ध करा रही हैं, जिससे ईरान अपने हथियार और नेविगेशन सिस्टम मजबूत कर रहा है। लेकिन सीधे हथियार सप्लाई करना एक बड़ा और गंभीर कदम माना जा रहा है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *